Wednesday, 4 November 2026
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झारखंड में बड़े बिल्डिंग प्रोजेक्ट पर शिकंजा, 31 दिसंबर तक पर्यावरणीय मंजूरी नहीं ली तो होगी कार्रवाई

INT News4 November 2026 at 08:30 am

झारखंड में बड़े भवन निर्माण प्रोजेक्ट, हाउसिंग सोसाइटी और रियल एस्टेट डेवलपर्स को पर्यावरणीय नियमों का पालन करना होगा. इसे झारखंड राज्य प्रदूषण बोर्ड ने अनिवार्य कर दिया है. बोर्ड ने राज्यभर के सभी प्रोजेक्ट प्रमोटरों को निर्देश दिया है कि वह 5,000 वर्गमीटर या इससे अधिक बिल्टअप एरिया वाली निर्माण परियोजनाओं से जुड़ी पर्यावरणीय अनुपालन की प्रक्रिया तय समय सीमा में पूरी करें. इसके लिए 31 दिसंबर 2026 तक बोर्ड के ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन देना होगा. इसका आदेश प्रदूषण बोर्ड के सदस्य सचिव राजीव लोचन बक्शी के हस्ताक्षर से जारी किया गया है. इसमें स्पष्ट किया गया है कि तय समय सीमा के बाद नियमों का उल्लंघन करनेवाले प्रोजेक्ट प्रमोटरों के खिलाफ पर्यावरण संरक्षण कानूनों के तहत कार्रवाई की जायेगी.

5,000 वर्गमीटर से बड़े भवनों के लिए CTE-CTO अनिवार्य

आदेश में कहा गया है कि 5,000 वर्गमीटर या इससे अधिक बिल्ट-अप एरिया वाले सभी भवनों और निर्माण परियोजनाओं के लिए स्थापना सहमति (सीटीइ) और संचालन सहमति (सीटीओ) लेना अनिवार्य होगा. इसके लिए संबंधित प्रोजेक्ट प्रमोटरों को बोर्ड के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होगा. अब तक पर्यावरणीय अनुपालन की प्रक्रिया पूरी नहीं करनेवाले बड़ेनिर्माण प्रोजेक्ट भी इसके दायरे में आयेंगे.

बिल्डरों और डेवलपर्स पर बढ़ेगी जवाबदेही

इस आदेश का असर राज्य में संचालित बड़े रियल एस्टेट प्रोजेक्ट, अपार्टमेंट, हाउसिंग सोसाइटियों और व्यावसायिक भवनों पर पड़ सकता है. अब निर्माण के साथ पर्यावरणीय नियमों के अनुपालन की जिम्मेदारी भी प्रोजेक्ट प्रमोटरों को पूरी करनी होगी. निर्धारित प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर संबंधित परियोजनाओं के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है.

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थोक कचरा उत्पादकों को भी कराना होगा निबंधन

निर्माण परियोजनाओं के साथ ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के अनुपालन पर भी बोर्ड ने सख्ती की है. इसके तहत सभी थोक अपशिष्ट जनित्रों (बल्क वेस्ट जेनरेटर्स) को संबंधित स्थानीय निकाय के आधिकारिक पोर्टल पर अपना निबंधन कराना होगा. इसका उद्देश्य बड़े भवनों, आवासीय परिसरों और संस्थानों से निकलने वाले कचरे के प्रबंधन की जवाबदेही तय करनी है. बोर्ड ने सभी संबंधित पक्षों को 31 दिसंबर तक आवेदन और निबंधन की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है.

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