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Varanasi Ghat: मणिकर्णिका घाट पर मिट्टी में दबे बाबा महाश्मशाननाथ, कैसे होगी दीपावली की तंत्र साधना?

Varanasi Ghat: वाराणसी के मणिकर्णिका घाट स्थित बाबा महाश्मशाननाथ मंदिर की स्थिति चिंताजनक है. गंगा में आई बाढ़ के बाद मंदिर के गर्भगृह में करीब आठ से दस फीट तक मिट्टी जमा हो गई है. इसके नीचे शिवलिंग दबा हुआ है. दीपावली में अब केवल छह दिन बचे हैं, लेकिन मंदिर की सफाई का काम अभी तक शुरू नहीं हुआ है. ऐसे में श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए परेशानी हो रही है.
गर्भगृह में जाने का रास्ता भी बंद
अगस्त और सितंबर में गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण मंदिर में काफी मिट्टी जमा हो गई थी. हालात ऐसे हैं कि गर्भगृह में प्रवेश करने तक की जगह नहीं बची है. शिवलिंग मिट्टी के नीचे दबा होने के कारण श्रद्धालु मंदिर के अंदर जाकर पूजा नहीं कर पा रहे हैं. लोग बाहर से ही माथा टेककर वापस लौट रहे हैं.
दीपावली की रात होती है विशेष पूजा
बाबा महाश्मशाननाथ मंदिर का दीपावली से विशेष धार्मिक महत्व जुड़ा है. कार्तिक अमावस्या की मध्यरात्रि में यहां विशेष पूजा और तंत्र साधना की परंपरा है. इस मौके पर देश के अलग-अलग हिस्सों से तांत्रिक और अघोरी वाराणसी पहुंचते हैं. मंदिर की मौजूदा स्थिति को देखते हुए इस बार दीपावली की रात होने वाली साधना और पूजा को लेकर चिंता बढ़ गई है.
अगस्त से सफाई कराने की हो रही मांग
बाबा महाश्मशाननाथ सेवा समिति के उपाध्यक्ष संजय गुप्ता ने बताया कि मंदिर की सफाई के लिए अगस्त से ही प्रयास किए जा रहे हैं. इस संबंध में स्थानीय पार्षद, महापौर और नगर निगम के अधिकारियों को कई बार लिखित शिकायत दी गई है. इसके बावजूद अभी तक सफाई का काम शुरू नहीं हो सका है.
एक दिन में हट सकती है गर्भगृह की मिट्टी
समिति के उपाध्यक्ष के अनुसार, गर्भगृह में जमा मिट्टी को एक दिन में हटाया जा सकता है. इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं. उनका कहना है कि दीपावली नजदीक होने के कारण मंदिर की सफाई जल्द कराना जरूरी है, ताकि श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर सकें और परंपरा के अनुसार पूजा हो सके.
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