Sunday, 6 September 2026
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Delhi Building Collapse : मलबे के नीचे से आई छात्रों की आवाज, ‘हेल्प... हम फंसे हैं’

INT News6 September 2026 at 06:45 pm

Delhi Building Collapse : हादसे के बाद 30 से 50 छात्रों के मलबे में फंसे होने की आशंका है. स्थानीय लोगों के मुताबिक, मलबे के नीचे दबे कुछ छात्र फोन कर मदद मांगने लगे. घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बचाव दल राहत कार्य में जुट गए. बचाव दल मलबे को हटाकर उसमें फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं. अब तक कई लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है.

मौके पर पहुंचे बीजेपी विधायक अनिल शर्मा ने बताया कि इमारत गिरने के बाद अभी भी कई लोग मलबे के अंदर फंसे हुए हैं. टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार, उन्होंने बताया कि मलबे में फंसे लोगों के फोन भी आ रहे हैं. बचाव दल लगातार उनके संपर्क में हैं और अंदर फंसे लोगों से बात कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि सभी लोग सुरक्षित हों, यही दुआ है.

एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि इस पुरानी इमारत में पीजी चलता था. हाल ही में उसके बेसमेंट में काम कराया जा रहा था. बारिश के दौरान बेसमेंट में पानी भर गया और दोपहर करीब 1 बजे अचानक पूरी इमारत ढह गई. प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, एक कमरे में आमतौर पर कम से कम दो छात्र रहते थे, इसलिए उनका अनुमान है कि इमारत में 30 से 40 छात्र हो सकते थे.

उन्होंने बताया कि इमारत में पीलर भी नहीं थे, क्योंकि इसे सत्य निकेतन कॉलोनी बसने के शुरुआती दौर में बनाया गया था. हालांकि, बेसमेंट में खुदाई हो रही थी या नहीं, यह वह पक्के तौर पर नहीं कह सकते, लेकिन वहां काम चल रहा था, इसकी पुष्टि है.

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, स्थानीय जांच में पता चला कि यह करीब 40 से 50 साल पुरानी इमारत थी. इसमें बेसमेंट के अलावा पांच मंजिलें थीं और इसे पीजी के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था. हादसे के वक्त बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था.

हादसे में एक की मौत

50 साल पुरानी इमारत पांच मंजिला थी. इमारत में लड़कों का हॉस्टल चल रहा था. पुलिस के मुताबिक, अब तक छह लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया है, जिनमें एक को अस्पताल ले जाने पर मृत घोषित कर दिया गया, जबकि पांच लोगों को जिंदा बचा लिया गया. स्थानीय लोगों का दावा है कि अभी भी करीब 40 से 50 लोग मलबे में फंसे हो सकते हैं. इमारत में बेसमेंट के अलावा पांच मंजिलें थीं.