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बेमेतरा की बारूद फैक्ट्री में फिर ब्लास्टिंग-टेस्टिंग शुरू:ग्रामीणों ने हैंडपंप-बोरवेल के पानी की जांच और आबादी से दूर ब्लास्टिंग कराने की मांग
बेमेतरा जिले के बेरला क्षेत्र के ग्राम पिरदा स्थित स्पेशल ब्लास्ट लिमिटेड फैक्ट्री में दोबारा ब्लास्टिंग और बारूद की टेस्टिंग शुरू होने को लेकर ग्रामीणों ने चिंता जताई है। ग्रामीणों ने पेयजल स्रोतों के दूषित होने की आशंका और जनसुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने गांव के हैंडपंप और बोरवेल के पानी की प्रयोगशाला में जांच कराने, आबादी क्षेत्र से दूर ब्लास्टिंग कराने और फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों के पालन की जांच कराने की मांग की है। टेस्टिंग से होने वाली तेज आवाज से लोग सहम जाते हैं ग्रामीणों के अनुसार, 25 मई 2024 को फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट में कई मजदूरों की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद फैक्ट्री लंबे समय तक बंद रही। अब दोबारा ब्लास्टिंग और टेस्टिंग शुरू होने से आसपास के गांवों में भय और चिंता का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि टेस्टिंग के दौरान होने वाली तेज आवाज से लोग सहम जाते हैं। साथ ही, ब्लास्टिंग के कारण पेयजल स्रोतों की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका भी है। पानी के स्वाद में बदलाव का दावा, जांच की मांग ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि ब्लास्टिंग के बाद हैंडपंप और किसानों के बोरवेल से निकलने वाले पानी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि पानी के स्वाद में बदलाव महसूस हो रहा है, जिससे उसके दूषित होने की चिंता बढ़ गई है। हालांकि, पानी में बारूद के कण होने या ब्लास्टिंग से जल स्रोतों के प्रभावित होने की आशंका की पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसके लिए वैज्ञानिक जांच जरूरी है। ग्रामीणों ने फैक्ट्री प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए कहा कि फैक्ट्री में बाहर से पानी मंगाकर उपयोग किया जा रहा है, जबकि गांव के लोग स्थानीय जल स्रोतों पर निर्भर हैं। ऐसे में प्रशासन को पानी की गुणवत्ता की जांच कराकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि लोगों को स्वच्छ पेयजल मिल सके। ग्रामीणों ने रखीं तीन प्रमुख मांगें ग्रामीणों ने ज्ञापन में तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली, गांव के सभी हैंडपंप, बोरवेल और अन्य जल स्रोतों के पानी का प्रयोगशाला में परीक्षण कराया जाए। दूसरी, आबादी क्षेत्र के नजदीक हो रही ब्लास्टिंग की जांच कराकर इसे रिहायशी इलाके से दूर कराया जाए। तीसरी, फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों के पालन की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। ग्रामीणों का कहना है कि जांच पूरी होने तक जनसुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए। धनंजय निषाद सहित ग्राम गढ़वा-पिरदा के ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। अब ग्रामीणों को प्रशासनिक जांच और आगे की कार्रवाई का इंतजार है। कलेक्टर बोलीं- एसडीएम और संबंधित विभाग को देंगे निर्देश मामले में कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई ने कहा कि आवेदक ने फैक्ट्री में ब्लास्टिंग किए जाने को लेकर शिकायत की है। इस संबंध में एसडीएम और दुर्ग स्थित संबंधित विभाग को निर्देशित किया जाएगा, ताकि मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति की जांच की जा सके। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि ब्लास्टिंग और टेस्टिंग से जल स्रोतों की गुणवत्ता या आसपास की सुरक्षा पर कोई प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है या नहीं।