समाचार · हरियाणा
शिक्षा विभाग में ट्रांसफर से पहले एडजस्टमेंट का खेल:दुर्गम के टीचरों का दून में समायोजन; 2 नियमों की अनदेखी, डायरेक्टर बोले- एक सत्र के लिए किया
उत्तराखंड के शिक्षा विभाग में टीचर्स के ट्रांसफर से पहले ही चहेतों को एडजस्टमेंट का खेल शुरू हो गया है। सबसे हैरानी की बात यह है कि ये एडजेस्टमेंट खेल दुर्गम से सुगम (देहरादून) में किया जा रहा है। इसमें समायोजन के 2 नियमों की भी अनदेखी की जा रही है। हालांकि शिक्षा विभाग के डायरेक्टर (माध्यमिक) विनोद प्रसाद सिमाल्टी ने इसको नियमों के तहत बताया है। उन्होंने ऐप से बातचीत में कहा, एडजेस्टमेंट में जल्दबाजी का कोई मतलब नहीं है। सारा काम नियमों के तहत किया जा रहा है। हालांकि बाद में उन्होंने यह भी कहा कि ये एडजेस्टमेंट एक सेशन के लिए ही किया गया है। यहां समझिए पूरा मामला... दरअसल, 4 महीने पहले नरेंद्र नगर में छात्र संख्या कम होने के कारण GIC और GGIC को क्लब कर दिया गया था। इस कारण से यहां पर कुछ टीचर अतिरिक्त हो गए, इन टीचरों का दूसरे स्कूलों में समायोजन किया जाना था, लेकिन इन टीचरों के समायोजन की प्रक्रिया 4 महीने से रूकी हुई थी। इससे पहले के डायरेक्टर के द्वारा ये प्रक्रिया रोकी हुई थी, लेकिन 30 जून को उनके रिटायरमेंट के बाद इस प्रक्रिया को फिर से शुरू कर दिया गया। सूत्रों की मानें तो इस समायोजन के नाम पर अपने चहेतों शिक्षकों की ही एडजेस्टमेंट का लाभ दिया जा रहा है, अन्य टीचरों को मार्च तक रूकने के लिए कहा गया है। इन 2 नियमों की अनदेखी 1. किसी भी टीचर को समायोजित करने के लिए विभाग में दो नियम बनाए गए हैं। इन नियमों के तहत टीचर का समायोजन जिस जिले में टीचर पोस्टेड है उसी में ही होना चाहिए। बाहर के जिले में उसका समायोजन नहीं होगा। दूसरे जिले में समायोजन सिर्फ उसके पोस्टिंग के जिले में सीट खाली नहीं होने पर ही होगा। 2. दूसरे नियम के तहत जब टीचर्स के ट्रांसफर से पहले रिक्तियों का शेड्यूल जारी होने के बाद भी समायोजन की प्रक्रिया नहीं की जा सकती है। इसकी वजह यह है कि ये रिक्तियों की लिस्ट में खाली नहीं दिया जाएगा। जिसकी वजह से यहां पर स्थायी नियुक्ति के लिए कोई टीचर अप्लाई नहीं कर पाएगा। एडजेस्टमेंट का ये उदाहरण एडजेस्टमेंट के इस खेल में एक दिन पहले ही टिहरी जिले से देहरादून के भानियावाला इंटर कॉलेज में एक टीचर का समायोजन किया गया है। जबकि शिक्षा विभाग के शेड्यूल के तहत कल यानी 15 जुलाई से कमेटियों का गठन किया जाएगा। यहां पढ़िए ट्रांसफर का पूरा शेड्यूल उत्तराखंड में लंबे समय से तबादलों का इंतजार कर रहे शिक्षकों के लिए राहत की खबर है। शिक्षा विभाग ने ट्रांसफर प्रक्रिया को तेज करते हुए विभाग, मंडल और जिला स्तर पर ट्रांसफर कमेटियों के गठन की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए 15 जुलाई की तारीख तय की गई है। विभाग ने पूरी ट्रांसफर प्रक्रिया का टाइमलाइन भी तैयार कर लिया है, जिसके तहत 27 अगस्त तक तबादला आदेश जारी कर दिए जाएंगे।
ट्रांसफर एक्ट के तहत अन्य विभागों में अनिवार्य तबादले पहले ही पूरे किए जा चुके हैं, लेकिन शिक्षा विभाग को प्रक्रिया पूरी करने के लिए 55 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया है। अब विभाग इसी अवधि में सभी चरण पूरे करेगा।
इस बार क्या है खास
इस बार विभाग तय समय सीमा के भीतर पूरी ट्रांसफर प्रक्रिया पूरी करने पर फोकस कर रहा है, ताकि नए शैक्षणिक सत्र के दौरान स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती समय पर सुनिश्चित की जा सके। इससे शिक्षकों के लंबित तबादलों का इंतजार भी खत्म होने की उम्मीद है।
20 साल बाद सीनियॉरिटी चेंज होगी
प्रदेश में असिस्टेंट एलटी टीचर्स की सीनियॉरिटी 20 साल बाद चेंज होगी। शिक्षा निदेशालय ने लोक सेवा प्राधिकरण के एक फैसले के बाद वर्ष 1992 से 1996 की एलटी की अनंतिम वरिष्ठता सूची को अंतिम रूप से तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
फैसले से आयोग से चयनित कई शिक्षक वरिष्ठ हो जाएंगे। वहीं, करीब चार हजार शिक्षकों की वरिष्ठता इससे प्रभावित होगी। जो वरिष्ठता सूची में कनिष्ठ हो जाएंगे।
अभी ये है स्थिति
वर्तमान में प्रेमलता बौडाई व अन्य आठ याचिकाओं में अंतिम रूप से निर्णय पारित करते हुए याचिकाओं को खारिज किया जा चुका है। अब वर्ष 1992 से 1996 की एलटी की अनंतिम वरिष्ठता सूची को अंतिम रूप से तैयार किया जाना है।
अपर शिक्षा निदेशक गढ़वाल व कुमाऊं मंडल अंतिम ज्येष्ठता सूची तैयार कर निदेशालय को उपलब्ध कराए।