समाचार · मध्य प्रदेश
नर्मदापुरम में मूंग खरीदी की मांग पर किसानों का आंदोलन:अभी सड़कों पर उतरे, मांगे नहीं मानी तो ट्रेन की पटरियों पर उतरेंगे किसान
समर्थन मूल्य पर ग्रीष्मकालीन मूंग की 100 प्रतिशत खरीदी की मांग को लेकर नर्मदापुरम में किसानों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। भारतीय किसान संघ, किसान यूनियन, किसान कांग्रेस और राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ सहित कई किसान संगठन अलग-अलग स्तर पर आंदोलन कर रहे हैं। भारतीय किसान संघ 6 जुलाई से जिला मुख्यालय के पीपल चौक पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठा है। मंगलवार को पूर्व जनपद अध्यक्ष एवं पूर्व मंडी उपाध्यक्ष भगवती चौरे भी किसानों के समर्थन में धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने बड़ी संख्या में किसानों के साथ 100 प्रतिशत मूंग खरीदी और उर्वरकों की सुगम उपलब्धता की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। नर्मदा पूजन के बाद निकाला पैदल मार्च दोपहर एक बजे किसान कोठी बाजार स्थित विवेकानंद घाट पर एकत्र हुए। मां नर्मदा का पूजन करने के बाद घाट से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम सिटी मजिस्ट्रेट नितिन टाले को ज्ञापन सौंपा गया। पूर्व जनपद अध्यक्ष भगवती चौरे और जय प्रकाश पटेल ने कहा कि सरकार का केवल 25 प्रतिशत मूंग खरीदी का निर्णय किसानों के साथ अन्याय है। उनका कहना है कि शेष 75 प्रतिशत उपज किसानों को औने-पौने दामों में बेचनी पड़ेगी, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने 100 प्रतिशत खरीदी सुनिश्चित नहीं की तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। ये हैं किसानों की प्रमुख मांगें किसानों ने मांग की है कि ग्रीष्मकालीन मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जाए। साथ ही जटिल ई-टोकन व्यवस्था समाप्त कर पुराने पंजीयन के आधार पर सहकारी समितियों और अन्य माध्यमों से खाद (उर्वरक) की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।