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जालंधर-मोगा हाईवे सर्विस लेन धंसी, पुल की नींव खतरे में:आलोवाल से कपूरथला चौक तक जगह-जगह गहरे गड्डे, बड़े हादसे का डर
जालंधर-मोगा नेशनल हाईवे पर नकोदर के कपूरथला चौक के पास सर्विस लेन और मुख्य हाईवे की बदहाली ने सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। इस बेहद व्यस्त मार्ग पर बने पुल और हाईवे को अभी केवल 5 से 6 साल ही हुए हैं, लेकिन मुख्य पुल समेत दोनों तरफ की सर्विस लेन जगह-जगह से धंसने लगी हैं। सड़क टूटने के कारण यहां 6 से 7 फीट गहरे और चौड़े खतरनाक गड्ढे बन गए हैं, जो हर समय किसी बड़े हादसे को न्यौता दे रहे हैं। लोगों ने चेतावनी दी है कि प्रशासन किसी बड़े जान-माल के नुकसान का इंतजार किए बिना पूरी सड़क को नए सिरे से मजबूत बनाए, ताकि राहगीरों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। लापरवाह मरम्मत से लगातार धंस रही सड़क स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पिछले कुछ महीनों में हाईवे अथॉरिटी द्वारा आलोवाल पुल से कपूरथला चौक पुल तक जहां भी मरम्मत की गई, वह पूरी तरह घटिया हुई। अथॉरिटी ने बड़े गड्ढों वाली जगह से महज कुछ फीट की दूरी पर कंक्रीट भरकर खानापूर्ति की थी। इंजीनियरों द्वारा प्रभावित हिस्से की बारीकी से जांच न करने के कारण मरम्मत के दो-तीन महीने बाद ही साथ लगती सड़क धंस गई। पैचवर्क में लापरवाही के कारण मार्ग की मजबूती लगातार कम होती जा रही है। पुल की नींव पर मंडराया गंभीर खतरा इस बदहाली में सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि सड़क पर बने इन 6 से 7 फीट गहरे गड्ढों से पानी रिसकर सीधे पुल के नीचे और उसकी नींव तक पहुंच रहा है। यदि पानी का यह रिसाव इसी तरह लगातार जारी रहा, तो पुल की मुख्य नींव बेहद कमजोर हो जाएगी, जिससे मुख्य हाईवे पुल को भारी नुकसान पहुंच सकता है। चौबीसों घंटे भारी व्यावसायिक और मालवाहक वाहनों की आवाजाही वाले इस मार्ग पर पुल की कमजोरी किसी बेहद दर्दनाक हादसे का कारण बन सकती है। स्थानीय लोगों ने की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच की मांग मानसून की बारिश शुरू होने से पहले ही हाईवे के इस तरह टूटने पर लोगों ने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर गंभीर संदेह जताया है। स्थानीय निवासियों ने सरकार और नेशनल हाईवे अथॉरिटी के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि यहां केवल खानापूर्ति के लिए पैचवर्क करने के बजाय, पूरी सर्विस लेन और पुल के निर्माण की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच करवाई जाए।