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गंगा उफान पर, झारखंड-बंगाल की लाइफ लाइन राजमहल-मानिकचक फेरी सेवा बंद

राजमहल. गंगा नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए झारखंड के राजमहल से पश्चिम बंगाल के मानिकचक के बीच संचालित एलसीटी फेरीसेवा को बंद कर दिया गया है. घाट प्रबंधक की ओर से सेवा बंद करने की सूचना जारी की गयी है. सुरक्षा के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है, ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके.
घाट प्रबंधक राजा सिंह ने बताया कि गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद एलसीटी फेरी सेवा पूरी तरह बंद करने का निर्णय लिया गया है. इस फेरी सेवा से प्रतिदिन हजारों यात्री झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच आवागमन करते हैं. जलस्तर बढ़ने के कारण दोनों तरफ के फेरी घाट पूरी तरह जलमग्न हो गये हैं. ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर खतरा बना हुआ है.
लाइफ लाइन सेवा बंद होने से बढ़ी परेशानी
राजमहल-मानिकचक फेरी सेवा झारखंड और पश्चिम बंगाल को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण लाइफ लाइन मानी जाती है. सेवा बंद होने से दोनों राज्यों के बीच आवागमन करने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गयी है. अब यात्रियों को लंबी दूरी तय कर सड़क या रेल मार्ग से सफर करना पड़ेगा.
जानकारी के अनुसार, गंगा का जलस्तर सामान्य होने में करीब दो माह तक का समय लग सकता है. यदि स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो इस दौरान रोजाना आवागमन करने वाले यात्रियों के साथ-साथ व्यापारियों और अन्य लोगों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.
फेरी घाट की दुकानों में घुसा पानी
गंगा का जलस्तर बढ़ने का असर फेरी घाट के आसपास की दुकानों पर भी पड़ने लगा है. कई दुकानों में नदी का पानी प्रवेश करने लगा है. फेरी सेवा बंद होने के साथ दुकानदारों की आजीविका पर भी असर पड़ने की आशंका है. लंबे समय तक फेरी घाट बंद रहने की स्थिति में दुकानदारों और छोटे कारोबारियों के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो सकता है.