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पहाड़, पानी और प्राकृतिक खूबसूरती से घिरा चांडिल डैम बनेगा बड़ा पर्यटन केंद्र? CM ने दिये निर्देश

चांडिल (सरायकेला खारसावां): झारखंड की प्राकृतिक खूबसूरती को विश्वस्तरीय पहचान दिलाने की दिशा में चांडिल डैम को पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को परिजनों के साथ चांडिल डैम का भ्रमण किया. इस दौरान वे डैम की विहंगम प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण से अभिभूत नजर आये. उन्होंने चांडिल डैम को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि इसमें पर्यटन विकास की अपार संभावनाएं हैं. इसे राज्य के पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाने के लिए ठोस पहल की जायेगी.
डैम के समग्र विकास को लेकर उपायुक्त से चर्चा
डैम परिसर के भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह के साथ इसके समग्र विकास को लेकर चर्चा की. उन्होंने चांडिल डैम के बहुआयामी विकास, पर्यटन संवर्धन और जल प्रबंधन के साथ चांडिल परियोजना के कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया. इसके अलावा बिजली उत्पादन एवं संवर्धन से जुड़े पहलुओं पर भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये. मुख्यमंत्री ने उपायुक्त को डैम और आसपास के क्षेत्रों के विकास के लिए दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने को कहा.
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इको-टूरिज्म से स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि चांडिल डैम में इको-टूरिज्म की असीम संभावनाएं हैं. यहां पर्यटकों की आवाजाही बढ़ाने के लिए सुरक्षा, बुनियादी सुविधाओं और नौकायन (बोटिंग) की व्यवस्था को आधुनिक एवं सुव्यवस्थित बनाने की जरूरत है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों के लिए रोजगार के नये अवसर सृजित करने की दिशा में भी काम किया जाये. इससे पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिल सकती है.
पर्यावरण संरक्षण के साथ तैयार होगा विकास का ब्लूप्रिंट
मुख्यमंत्री ने चांडिल डैम और आसपास के क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए पर्यावरण अनुकूल एवं दीर्घकालिक ब्लूप्रिंट तैयार करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि विकास की योजनाएं इस तरह तैयार की जानी चाहिए, जिससे प्राकृतिक संसाधनों और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाये बिना क्षेत्र का कायाकल्प किया जा सके. पर्यटन सुविधाओं के विस्तार के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया, ताकि चांडिल डैम को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा सके.
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मुख्यमंत्री के दौरे में ये रहे मौजूद
इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी सह विधायक कल्पना सोरेन, ईचागढ़ की विधायक सविता महतो, विधायक सोमेश चंद्र सोरेन, कोल्हान प्रमंडल के आयुक्त रविरंजन कुमार विक्रम, उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह, चांडिल एसडीएम नितिन शिवम गुप्ता सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी उपस्थित थे.