Friday, 23 October 2026
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छत्तीसगढ़ के किसानों की 6066 करोड़ रुपए बकाया-भुगतान की मांग:प्रदेश किसान संघ निकालेगा किसान भुगतान यात्रा, 26 अक्टूबर से दाम सत्याग्रह की शुरुआत

INT News23 October 2026 at 05:58 pm

किसानों के बकाया भुगतान की मांग को लेकर प्रदेश किसान संघ 26 अक्टूबर से दाम सत्याग्रह के तहत किसान भुगतान यात्रा शुरू करेगा। संघ ने सरकार से किसानों के 6066 करोड़ रुपए के बकाया भुगतान का मांग की है। 26 से 31 अक्टूबर तक चलने वाली इस यात्रा के दौरान छह जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। संघ धान खरीदी के लिए 3358 रुपए प्रति क्विंटल देने और समर्थन मूल्य गारंटी कानून लागू करने की मांग भी उठाएगा। प्रदेश किसान संघ के मुताबिक, वर्ष 2024-25 में धान के समर्थन मूल्य में 117 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई थी, लेकिन इसका लाभ किसानों को नहीं मिला। वहीं, वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य में 69 रुपए की बढ़ोतरी के बाद कुल वृद्धि 186 रुपए प्रति क्विंटल हो गई। संघ का आरोप है कि सरकार ने इस सीजन में 2023 करोड़ रुपए की अंतर राशि का भुगतान नहीं किया है। इसके अलावा, 2024-25 में धान खरीदी की अंतर राशि के 1743 करोड़ रुपए भी बकाया हैं। 3358 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की मांग प्रदेश किसान संघ के संयोजक सुदेश टीकम ने इस साल धान खरीदी के लिए 3358 रुपए प्रति क्विंटल की दर से भुगतान करने की मांग की है। संघ ने समर्थन मूल्य गारंटी कानून लागू करने की भी मांग उठाई है। संगठन का कहना है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलना चाहिए और बकाया राशि का भुगतान जल्द किया जाना चाहिए। छह दिन में छह जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किसान भुगतान यात्रा के तहत 26 अक्टूबर को रायपुर, 27 अक्टूबर को धमतरी, 28 अक्टूबर को कांकेर, 29 अक्टूबर को कोंडागांव, 30 अक्टूबर को जगदलपुर और 31 अक्टूबर को नारायणपुर में प्रदर्शन किया जाएगा। इन स्थानों पर किसानों की मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। 12 सूत्रीय मांगें भी उठाएगा संघ प्रदेश किसान संघ ने बताया कि बकाया भुगतान और धान खरीदी की मांग के अलावा किसानों की 12 सूत्रीय मांगें भी रखी जाएंगी। इनमें प्राकृतिक आपदा से राहत, बिजली कटौती बंद करने, खाद की कालाबाजारी रोकने, कृषि उपज मंडियों में अनियमितताओं पर नियंत्रण, किसानों के अधिकारों की रक्षा और सिंचाई सुविधा बढ़ाने जैसे मुद्दे शामिल हैं। संघ ने सरकार से किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग की है।