समाचार · मध्य प्रदेश
मिठाई की ट्रे पर तारीख नहीं लिख रहे दुकानदार:FSSAI की सर्चिंग जारी: मिठाई की ट्रे-कंटेनर पर बेस्ट-बिफोर डेट लिखना जरूरी
बड़वानी जिले में मिठाई की दुकानों पर खुली मिठाई की ट्रे पर बनाने और खाने योग्य रहने की तारीख नहीं लिखी जा रही है। FSSAI ने 1 अक्टूबर 2020 से यह जानकारी देना अनिवार्य किया है। मगर बड़वानी जिला मुख्यालय सहित जिले के सेंधवा, निवाली, खेतिया सहित अन्य कई जगह मिठाइयों और नमकीन की दुकानों पर तारीख नहीं लिखी जा रही है। नियम के मुताबिक, दुकानदारों को काउंटर पर रखी खुली मिठाई की ट्रे, कंटेनर और डिस्प्ले पैनल पर मिठाई बनने की तारीख और बेस्ट- बिफोर तारीख लिखना होगा। यह नियम पैक्ड और खुली, दोनों तरह की मिठाई पर लागू है। इससे ग्राहक जान सकते हैं कि मिठाई ताजी है या 3-4 दिन पुरानी। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम त्योहारों पर दुकानों में जांच के लिए जाती है, लेकिन मुख्य रूप से मावा और मिठाई के नमूने लेती है। ट्रे पर तारीख नहीं लिखने पर चालान या कार्रवाई नहीं होती। नवरात्र से मिठाई के ऑर्डर और दिवाली की बुकिंग शुरू हो जाती है। दिवाली पर दुकानों में भीड़ के बीच कुछ दुकानदार होटलों के बाहर खुले में टेबल लगाकर मिठाई बेचते हैं। धूल-मिट्टी में रखी मिठाई भी ग्राहक खरीद लेते हैं। मिठाई की दुकानों पर ब्रेड, टोस्ट, पाव और पेस्ट्री जैसे बेकरी आइटम भी बिकते हैं। कुछ उपभोक्ताओं ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि पैकेट बंद ब्रेड और टोस्ट घर ले जाने पर फफूंद लगे मिले और खाने योग्य नहीं थे। वे शिकायत करने के बजाय इन्हें फेंक देते हैं। उपभोक्ताओं ने इन उत्पादों की जांच की जरूरत बताई। खाद्य सुरक्षा अधिकारी पंकज अंचल ने बताया कि जिला कलेक्टर के निर्देश पर आगामी त्योहारों को देखते हुए पूरे जिले में जांच अभियान चलाया जा रहा है। त्योहारी सीजन में मिलावट की आशंका बढ़ती है, इसलिए अलग-अलग दल जांच कर रहे हैं। पंकज अंचल के मुताबिक, नियम तोड़ने वालों के खिलाफ मामले दर्ज किए जा रहे हैं और कार्रवाई जारी रहेगी।