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विंध्य विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष को धमकाते हैं उपाध्यक्ष:सीएम से शिकायत करने लिखा पत्र; आरोप- कनेक्टर-कमिश्नर पर बनाते हैं दबाव
विंध्य विकास प्राधिकरण में अध्यक्ष पंचूलाल प्रजापति और उपाध्यक्ष अजय पटेल के बीच टकराव सामने आया है। अध्यक्ष ने उपाध्यक्ष पर धमकी देने, अधिकारियों पर दबाव बनवाने और प्राधिकरण के विकास कार्यों को प्रभावित करने के आरोप लगाए हैं। इस संबंध में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की गई है। अध्यक्ष पंचूलाल प्रजापति की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि उपाध्यक्ष डॉ. अजय सिंह ने उनसे बातचीत के दौरान कलेक्टर और कमिश्नर पर दबाव बनवाकर विंध्य विकास प्राधिकरण के कार्यों को रुकवाने की बात कही। पत्र में बजट आवंटन को लेकर चुनौती देने का भी उल्लेख किया गया है। अध्यक्ष ने इस पूरे मामले को प्राधिकरण के कामकाज में हस्तक्षेप से जुड़ा बताया है। अधिकारियों पर दबाव बनवाने का आरोप
पत्र में आरोप लगाया गया है कि प्राधिकरण के विकास कार्यों में बाधा डालने और बजट संबंधी प्रक्रियाओं को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। अध्यक्ष का कहना है कि प्राधिकरण के कामकाज को सुचारु रूप से आगे बढ़ाने के लिए स्वतंत्र वातावरण जरूरी है। इस तरह के विवाद से विकास योजनाओं और प्रशासनिक कामकाज पर असर पड़ सकता है। अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग
मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच कराने की मांग की गई है। इसमें शहडोल के इंजीनियरिंग कार्यालय से संबंधित आदेशों, नियमों और सक्षम अधिकारियों की अनुमति की जांच कराने का अनुरोध भी शामिल है। अध्यक्ष ने अनियमितता मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की अपील
पंचूलाल प्रजापति ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। साथ ही उन्होंने प्राधिकरण के अध्यक्ष के रूप में अपने दायित्वों का निर्वहन बिना दबाव और हस्तक्षेप के करने के लिए उचित संरक्षण देने की मांग की है। पत्र में यह भी कहा गया है कि विंध्य विकास प्राधिकरण के बजट, विकास योजनाओं और प्रशासनिक कार्यों में अनावश्यक बाधाएं नहीं आनी चाहिए। हालांकि, पत्र के अलावा दोनों ही नेता इस मामले में अलग से कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहे हैं। अध्यक्ष पंचूलाल प्रजापति और उपाध्यक्ष अजय पटेल की ओर से सार्वजनिक रूप से इस विवाद को लेकर कोई अलग बयान सामने नहीं आया है।