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बैतूल में किसान ने कीटनाशक पीया:बैंक से 17 लाख, सूद पर 10 लाख का कर्ज, डैम का पानी बंद होने से 13 एकड़ की गोभी सूखी
बैतूल जिले के बिरुल बाजार में रहने वाले किसान ने कर्ज और फसल बर्बाद होने से परेशान होकर कीटनाशक का सेवन कर लिया। किसान को पहले मुलताई के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया। किसान का कहना है कि उसने 15 एकड़ में पत्ता गोभी की फसल लगाई थी। सिंचाई के लिए चौथिया डैम से पानी मिलना बंद होने के कारण फसल सूख गई। इससे कर्ज चुकाने की उम्मीद भी टूट गई। किसान रमेश साहू के मुताबिक, उसने AU बैंक से 17 लाख रुपए का कर्ज लिया था। इसके अलावा सूद पर भी करीब 10 लाख रुपए उधार लिए हैं। बैंक से उसने गल्ले के कारोबार के लिए कर्ज लिया था, लेकिन कारोबार बंद हो गया। पिछले पांच साल से लगातार नुकसान होने के कारण आर्थिक स्थिति बिगड़ती चली गई। इस बीच कर्ज चुकाने के लिए उसने खेती का सहारा लिया। फसल खराब होने से टूटी उम्मीद रमेश ने बताया कि उसने ग्राम चौथिया में 11 एकड़ जमीन बटाई पर लेकर पत्ता गोभी लगाई थी। इसके अलावा अपने दो एकड़ खेत में भी गोभी की फसल लगाई थी। कुल 13 एकड़ का रकबा बताया गया है। किसान के अनुसार, फसल से करीब 8 लाख रुपए की कमाई होने और आगे चलकर 15 लाख रुपए तक मिलने की उम्मीद थी। इससे वह कर्ज चुकाने की योजना बना रहा था। किसान का कहना है कि गोभी की फसल की सिंचाई चौथिया डैम से की जा रही थी, लेकिन करीब एक महीने पहले पानी मिलना बंद हो गया। सिंचाई के लिए लगी मोटर का कनेक्शन भी काट दिया गया। पानी नहीं मिलने से गोभी की फसल सूखने लगी और उसे भारी नुकसान हुआ। रमेश के मुताबिक, फसल की कीमत इतनी गिर गई कि गोभी एक रुपए किलो के भाव पर भी बिकने की स्थिति नहीं रही रमेश का कहना है कि बैंक से कर्ज चुकाने के लिए बार-बार फोन आ रहे थे। वहीं, सूद पर पैसे देने वाले लोग भी रकम लौटाने का दबाव बना रहे थे। एक तरफ कारोबार बंद हो गया और दूसरी तरफ फसल खराब होने से कमाई की उम्मीद खत्म हो गई।