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देवास में 120 साल की शाही परंपरा कायम:संत तुकारामजी महाराज की प्रेरणा से शुरू हुई परंपरा; पालकी में निकले लड्डू गोपाल, उमड़े श्रद्धालु
देवास में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर देवास में 5 सितंबर को 120वीं ऐतिहासिक दिंडी यात्रा निकाली गई। यह यात्रा देवास राज परिवार की 120 साल पुरानी परंपरा का हिस्सा है। भगवान लड्डू गोपाल को पालकी में विराजित कर शहर में भ्रमण कराया गया। यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। संत तुकाराम महाराज की प्रेरणा से शुरू हुई परंपरा दिंडी यात्रा की शुरुआत संत तुकाराम महाराज की प्रेरणा से हुई थी। देवास राज परिवार पिछले 119 वर्षों से इस परंपरा को लगातार निभाता आ रहा है। इस साल यात्रा 120वीं बार निकाली गई। पूजा के बाद पालकी में विराजे लड्डू गोपाल जन्माष्टमी के मौके पर 5 सितंबर की शाम करीब 6 बजे पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद भगवान लड्डू गोपाल को पालकी में विराजित किया गया। सीनियर राजवाड़े के मंदिर को आयोजन के लिए विशेष रूप से सजाया गया था। राज परिवार के सदस्य भी यात्रा में शामिल हुए राज परिवार के सदस्य विक्रमसिंह पवार सहित शाही परिवार के अन्य सदस्य बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के साथ दिंडी यात्रा में शामिल हुए। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में उत्साह नजर आया। सीनियर राजवाड़े से मीठा तालाब तक पहुंची यात्रा दिंडी यात्रा सीनियर राजवाड़े से शुरू हुई और शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए मीठा तालाब पहुंची। यहां भी भगवान लड्डू गोपाल की पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ।