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शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच रिपोर्ट नहीं देने पर कार्रवाई, गोपालगंज के पांच प्रखंडों के BEO और HM का वेतन रुका

Gopalganj Education Department Salary Hold : शिक्षा विभाग के आदेश की अनदेखी करना जिले के पांच प्रखंडों के शिक्षा अधिकारियों और संबंधित कर्मियों को भारी पड़ गया है. शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच के लिए रिकॉर्ड मांगे जाने और तीन दिन की मोहलत देने के बावजूद रिपोर्ट जमा नहीं की गयी. इसके बाद स्पष्टीकरण भी मांगा गया, लेकिन संबंधित प्रखंडों से प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं कराया गया.
लगातार निर्देशों की अनदेखी पर जिला शिक्षा विभाग की स्थापना शाखा ने सख्त रुख अपनाते हुए गोपालगंज, कटेया, कुचायकोट, मांझा और विजयीपुर प्रखंडों के संबंधित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (बीईओ), मेकर और प्रधानाध्यापकों (एचएम) का वेतन तत्काल प्रभाव से स्थगित करने का आदेश जारी किया है. साथ ही लंबित रिकॉर्ड अविलंब जमा करने का अंतिम निर्देश दिया गया है. आदेश का अनुपालन नहीं करने पर अनुशासनिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गयी है.
स्थापना डीपीओ विनय कुमार सुमन ने बताया कि निर्धारित समय-सीमा समाप्त होने और स्पष्टीकरण मांगे जाने के बावजूद संबंधित प्रखंडों से वांछित प्रतिवेदन कार्यालय को प्राप्त नहीं हुआ है. विभाग ने इसे कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, स्वेच्छाचारिता और उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना माना है.
तीन दिन में मांगी थी रिपोर्ट, आठ अक्टूबर को मांगा गया स्पष्टीकरण
स्थापना डीपीओ के अनुसार, संबंधित अधिकारियों को पूर्व में पत्र जारी कर तीन दिनों के भीतर नियुक्ति से संबंधित दस्तावेजों की समेकित सूची हार्ड कॉपी और सॉफ्ट कॉपी में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था. निर्धारित समय में रिकॉर्ड नहीं मिलने पर आठ अक्टूबर को स्पष्टीकरण मांगा गया.
इसके बावजूद संबंधित प्रखंडों से रिपोर्ट उपलब्ध नहीं करायी गयी. बार-बार निर्देशों की अनदेखी के बाद 19 अक्टूबर को अंतिम आदेश जारी किया गया. संबंधित अधिकारियों को पत्र प्राप्त होते ही समेकित फोल्डर और प्रतिवेदन स्थापना शाखा में जमा करने का निर्देश दिया गया है.
टीआरइ-1, 2 और 3 के शिक्षकों से लेकर प्रधानाध्यापकों तक के प्रमाण पत्रों की होगी जांच
शिक्षा विभाग की ओर से चलायी जा रही प्रमाण पत्र सत्यापन प्रक्रिया के दायरे में बीपीएससी के टीआरइ-1, टीआरइ-2 और टीआरइ-3 के तहत नियुक्त विद्यालय अध्यापक शामिल हैं. इसके अलावा प्रधान शिक्षक और प्रधानाध्यापकों के प्रमाण पत्रों का भी सत्यापन किया जाना है.
अनुकंपा के आधार पर नियुक्त विद्यालय परिचारी और लिपिकों के दस्तावेज भी जांच के दायरे में हैं. इसके लिए नियुक्ति के समय जमा किये गये प्रमाण पत्रों का विवरण जुटाकर समेकित सूची तैयार करने का निर्देश दिया गया है.
डीएम स्तर पर हो रही समीक्षा, रिकॉर्ड नहीं मिलने से बढ़ी परेशानी
शिक्षा विभाग के विशेष सचिव की ओर से नौ सितंबर को जारी पत्र के आलोक में प्रमाण पत्र सत्यापन की समीक्षा जिला पदाधिकारी के स्तर पर लगातार की जा रही है. स्थापना डीपीओ विनय कुमार सुमन ने बताया कि संबंधित प्रखंडों से समय पर रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने के कारण समीक्षा के दौरान विभाग को असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा है.
संबंधित बीईओ को पत्र का तामिला सुनिश्चित कराने और आदेश का अनुपालन कराने का निर्देश दिया गया है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि लंबित रिकॉर्ड तत्काल उपलब्ध नहीं कराने वाले अधिकारियों और कर्मियों के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी.
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