Thursday, 22 October 2026
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फोरेस्ट SDO पर 5 संतानों की जानकारी छिपाने का आरोप:भिंड में CM हेल्पलाइन पहुंची शिकायत, एल 1 अधिकारी करेंगे जांच

INT News22 October 2026 at 12:49 pm

भिंड में वन विभाग के एसडीओ रामकुमार के खिलाफ अपनी संतानों की जानकारी छिपाने के आरोप की जांच की मांग फिर उठी है। शिकायतकर्ता अनिल कुमार का आरोप है कि अधिकारी ने सेवा अभिलेख में अपनी पांचों संतानों की जानकारी दर्ज नहीं कराई। पहले शिकायत जांच के लिए ग्वालियर भेजी गई थी। कार्रवाई आगे नहीं बढ़ने पर शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री कार्यालय में भी मामला उठाया। अब मुख्यमंत्री कार्यालय से मिले आवेदन के आधार पर शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज की गई है। आरोपों की पुष्टि होना अभी बाकी है। मुख्यमंत्री कार्यालय से मिली शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतकर्ता अनिल कुमार ने 17 अक्टूबर को एसडीओ रामकुमार के खिलाफ आवेदन दिया था। इसमें आरोप लगाया गया कि सहायक वन संरक्षक के पद पर कार्यरत अधिकारी ने सेवा के दौरान शासन को दी जाने वाली जानकारी में अपनी सभी संतानों का विवरण नहीं दिया। शिकायतकर्ता के मुताबिक, एसडीओ की पांच बेटियां हैं, लेकिन सेवा अभिलेख में केवल एक बेटी शिवानी अरोलीया का नाम दर्ज है। वहीं, हिमांशी अरोलीया और वान्या अरोलीया के नाम परिवार आईडी में दर्ज होने का दावा किया गया है। शिकायत में दो अन्य बेटियों की जानकारी भी छिपाने का आरोप लगाया गया है। पहले ग्वालियर भेजी गई थी जांच शिकायत सबसे पहले भिंड डीएफओ कार्यालय में की गई थी। वहां से जांच के लिए ग्वालियर के मुख्य वन संरक्षक को पत्र भेजा गया था। इसमें दूसरे वन मंडल से जांच कराने की बात कही गई थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर उसने वन विभाग के भोपाल मुख्यालय और मुख्यमंत्री कार्यालय को भी शिकायत की प्रति भेजी। मुख्यमंत्री कार्यालय से मिले लिखित आवेदन के आधार पर 21 अक्टूबर को शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज की गई। इसमें एसडीओ के खिलाफ पांच संतानों से जुड़ी जानकारी की निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है। एल-1 स्तर से शुरू होगा शिकायत का निराकरण सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायत के अनुसार, पहले स्तर यानी एल-1 पर इसका निराकरण किया जाना है। भिंड में वन विभाग के वन परिक्षेत्र अधिकारी आरके दीक्षित पदस्थ हैं। शिकायत के निराकरण में उनकी भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि शिकायत का समाधान नहीं होता है, तो मामला एल-2, एल-3 और एल-4 स्तर तक जा सकता है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि जांच किस अधिकारी को सौंपी जाएगी और आरोपों की पुष्टि के लिए किन दस्तावेजों की जांच होगी। शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। रेंजर कृतिका शुक्ला से विवाद के बाद भी चर्चा में रहा विभाग वन विभाग में एसडीओ रामकुमार और रेंजर कृतिका शुक्ला के बीच विवाद के बाद भी मामला चर्चा में रहा था। दोनों पक्षों की ओर से शिकायतें किए जाने के बाद अधिकारियों की मध्यस्थता से विवाद सुलझाने की बात सामने आई थी। अब संतानों से जुड़ी शिकायत के बाद मामला फिर चर्चा में है। रेंजर कृतिका शुक्ला ने इस मामले से दूरी बना रखी है, जबकि उनके पति आरके दीक्षित भिंड में वन परिक्षेत्र अधिकारी के पद पर पदस्थ हैं। हालांकि, केवल इस संबंध के आधार पर किसी अधिकारी की निष्पक्षता पर निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। दस्तावेजों की जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति शिकायतकर्ता ने सेवा अभिलेख और परिवार आईडी समेत संतानों से संबंधित जानकारी की जांच कराने की मांग की है। अब विभागीय जांच में इन दस्तावेजों का मिलान किया जाएगा। मामले में आरोप सही हैं या नहीं, यह जांच और आगे की कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगा।