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ब्लैक-बोर्ड पर प्रश्न लिखवाने की व्यवस्था खत्म करने की मांग:परीक्षा के प्रश्न पत्र प्रिंट कराने की भी डिमांड;प्राचार्य मंच ने सौंपा 19 सूत्रीय ज्ञापन
बिलासपुर में छत्तीसगढ़ प्राचार्य मंच ने कलेक्टर संजय अग्रवाल को 19 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। मंच ने अर्धवार्षिक परीक्षा में ब्लैक बोर्ड पर प्रश्न लिखवाने की व्यवस्था खत्म करने की मांग की। इसके लिए जिला शिक्षा कार्यालय (डीईओ) से प्रश्न पत्र प्रिंट कराने की व्यवस्था करने को कहा, ताकि परीक्षा की गोपनीयता बनी रहे। छत्तीसगढ़ प्राचार्य मंच के संयोजक संजय शर्मा ने कहा कि जांच की जिम्मेदारी कुछ खास प्राचार्यों को ही क्यों दी जा रही है। मंच ने मांग की कि 100 से ज्यादा नए पदोन्नत प्राचार्यों को भी प्रश्न पत्र बनाने और विभागीय जिम्मेदारियां निभाने का समान अवसर दिया जाए। तीनों स्कूलों को बराबर अनुदान देने की मांग मंच ने कहा कि हायर सेकेंडरी और हाई स्कूल परिसर में संचालित पूर्व माध्यमिक और प्राथमिक शालाओं के रखरखाव की जिम्मेदारी भी प्राचार्यों पर होती है। इसलिए तीनों स्कूलों को बराबर अनुदान दिया जाना चाहिए। इसके अलावा जिला शिक्षा कार्यालय में प्राचार्यों और शिक्षकों से जुड़े कई मामले लंबे समय से लंबित हैं। मंच ने इनका जल्द निराकरण करने की मांग की। मल्हार स्कूल के मामले में प्राचार्य का पक्ष सुनने की मांग प्राचार्य मंच के प्रतिनिधिमंडल ने मल्हार स्कूल के मामले में कहा कि सामान्य शिकायत मिलने पर प्राचार्य के खिलाफ सीधे कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। जांच के दौरान प्राचार्य का पक्ष भी सुना जाना चाहिए। मंच का कहना है कि कई बार प्रायोजित तरीके से शिकायतें की जाती हैं, जिससे स्कूल के संचालन में अनावश्यक बाधा आती है। बाहरी लोगों के ऐसे हस्तक्षेप को भी अनुचित बताया गया। कंप्यूटर ऑपरेटर, सहायक और प्यून देने की मांग प्राचार्य मंच की 19 सूत्रीय मांगों में प्रत्येक हायर सेकेंडरी और हाई स्कूल में ऑनलाइन और ऑफलाइन काम के लिए कंप्यूटर ऑपरेटर की व्यवस्था करना शामिल है। इसके अलावा सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारी (डीडीओ) वाले स्कूलों में सहायक ग्रेड-2 और ग्रेड-3 के कर्मचारियों की पदस्थापना सुनिश्चित करने की मांग की गई। प्रत्येक हायर सेकेंडरी और हाई स्कूल में प्यून की व्यवस्था करने पर भी जोर दिया गया। गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त रखने की मांग मंच ने प्राचार्यों और शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त रखने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि स्कूलों में ज्यादातर काम ऑनलाइन और इंटरनेट आधारित हो गए हैं। ऐसे में सभी स्कूलों को जरूरी वित्तीय सुविधाएं दी जानी चाहिए। इसके अलावा मंच ने बीईओ स्तर पर प्राचार्यों की बैठकें आयोजित करने के बजाय संकुल समन्वयकों की बैठक लेकर जरूरी जानकारी जुटाने का सुझाव दिया।