समाचार · हरियाणा
23 अक्टूबर से सजेगा सूरजकुंड दीवाली मेला 250 स्टॉल लगेंगे:स्वदेशी उत्पादों के साथ टेराकोटा, हथकरघा, हस्तशिल्प और हरियाणवी सांस्कृतिक कार्यक्रम रहेंगे मेले का आकर्षण
फरीदाबाद के सूरजकुंड में इस बार दीपावली से पहले स्वदेशी उत्पादों और हरियाणवी संस्कृति का रंग देखने को मिलेगा। हरियाणा पर्यटन निगम की ओर से 23 अक्टूबर से सूरजकुंड दीवाली मेले का आयोजन किया जाएगा। मेले को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इस बार मेले में पिछले वर्ष की तुलना में अधिक स्टॉल लगाए जाएंगे। करीब 250 स्टॉल पर देशभर के शिल्पकार और बुनकर अपने उत्पाद प्रदर्शित करेंगे। टेराकोटा और हथकरघा उत्पाद रहेंगे आकर्षण मेले का मुख्य आकर्षण स्वदेशी उत्पाद रहेंगे। यहां टेराकोटा की कलाकृतियों से लेकर हथकरघा, लकड़ी पर नक्काशी, फर्नीचर और विभिन्न प्रकार के हस्तशिल्प उत्पादों के स्टॉल लगाए जाएंगे। इसका उद्देश्य स्थानीय और पारंपरिक कला से जुड़े कारीगरों को बाजार उपलब्ध कराने के साथ लोगों को स्वदेशी उत्पादों की ओर आकर्षित करना है। दूसरे राज्यों के कारीगर भी लगाएंगे स्टॉल हरियाणा पर्यटन निगम के अधिकारियों के अनुसार, मेले में प्रदेश के साथ-साथ दूसरे राज्यों के बुनकरों और शिल्पकारों को भी अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। इससे मेले में अलग-अलग राज्यों की पारंपरिक कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। पिछले वर्ष मेले में करीब 200 स्टॉल लगाए गए थे, जबकि इस बार इनकी संख्या बढ़ाकर 250 कर दी गई है। हरियाणवी कलाकारों को दी जाएगी प्राथमिकता मेले में खरीदारी के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे। हरियाणवी कलाकारों को कार्यक्रमों में प्राथमिकता दी जाएगी। लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के जरिए प्रदेश की संस्कृति और लोक परंपराओं को दर्शाएंगे। इससे मेले में आने वाले लोगों को खरीदारी के साथ मनोरंजन का भी अवसर मिलेगा। मेले को लेकर तैयारियां शुरू नोडल अधिकारी हरविंद्र सिंह यादव ने बताया कि मेले को बेहतर तरीके से आयोजित करने के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। दीपावली के मद्देनजर मेले में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। मेले के जरिए स्वदेशी उत्पादों, हस्तशिल्प और पारंपरिक कला को बढ़ावा देने पर विशेष जोर रहेगा।