समाचार · मध्य प्रदेश
आत्मसमर्पित नक्सली पहली बार स्वतंत्रता दिवस समारोह का बने हिस्सा:कलेक्टर ने ध्वजारोहण किया; परेड में बच्चों की तबियत बिगड़ी
बालाघाट में स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर पहली बार 13 आत्मसमर्पित नक्सली कार्यक्रम का हिस्सा बने। कलेक्टर कुमार सत्यम ने ध्वजारोहण किया, जिसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों में दांडी यात्रा से लेकर कारगिल तक और विकसित भारत की झलक दिखाई गई। लगभग 35 वर्षों तक जंगलों में सक्रिय रहे ये आत्मसमर्पित नक्सली मुख्य कार्यक्रम में शामिल हुए और स्वतंत्रता दिवस समारोह का आनंद लिया। उनकी उपस्थिति इस वर्ष के आयोजन का एक महत्वपूर्ण पहलू रही। सुबह 9 बजे कलेक्टर कुमार सत्यम ने ध्वजारोहण कर तिरंगे को सलामी दी। इसके बाद उन्होंने परेड का निरीक्षण किया। ये हुए परेड में शामिल सीआरपीएफ, एसएएफ, डीएफ पुलिस विशेष सहयोगी दस्ता, कॉलेज, उत्कृष्ट विद्यालय, सांदीपनी विद्यालय और एमएलबी के एनसीसी कैडेट्स, पीएमश्री, सांदीपनि के एनएसएस, एमएलबी स्काउट और शौर्य दल ने परेड में भाग लिया। सुरक्षाबलों के जवानों ने हर्ष फायर भी किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का लाइव प्रसारण भी दिखाया गया। इसके बाद कलेक्टर सत्यम कुमार ने जिले की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। करीब एक घंटे तक चले इस कार्यक्रम के दौरान परेड में शामिल कुछ कैडेट्स मूर्च्छित होकर गिर गए, जिन्हें तुरंत एम्बुलेंस से उपचार के लिए ले जाया गया। कलेक्टर कुमार सत्यम ने शांति के प्रतीक गुब्बारे उड़ाए और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का सम्मान किया। कार्यक्रम की अन्य तस्वीरें…