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‘खेलो इंडिया डायलॉग’ : पीएम मोदी बोले- ओलंपिक में आधे खेलों से दूर है भारत, 2036 से पहले सुधार जरूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि ओलंपिक में भारत का प्रदर्शन बेहतर करने के लिए ज्यादा से ज्यादा खेलों में हिस्सा लेना जरूरी है. उन्होंने कहा कि जिन खेलों में भारत पहले शामिल नहीं होता था, उनमें भी खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका मिलना चाहिए. ‘खेलो इंडिया संवाद’ कार्यक्रम में खिलाड़ियों, छात्रों और स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि खेलों का मकसद सिर्फ पदक जीतना नहीं है. खेल देश के विकास और युवाओं को आगे बढ़ाने का भी अहम जरिया हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ओलंपिक में कई तरह के खेल होते हैं, लेकिन भारतीय खिलाड़ी इनमें से आधे खेलों में भी हिस्सा नहीं लेते. उन्होंने इसे ‘कड़वी सच्चाई’ बताते हुए कहा कि भारत को अपनी भागीदारी बढ़ाने और ज्यादा खेलों में खिलाड़ियों को आगे लाने की जरूरत है.
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चार मुख्य मुद्दों पर हुई बात
इस कार्यक्रम का मकसद युवाओं की सोच और उनकी जमीनी समस्याओं को सरकार तक पहुंचाना था. इसमें युवाओं ने चार मुख्य मुद्दों पर अपनी बात रखी.
पहला, गांव और छोटे शहरों तक खेल की सुविधाएं, अच्छे कोच और खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के ज्यादा मौके पहुंचाना.
दूसरा, 2036 ओलंपिक के लिए अभी से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें बेहतर प्रशिक्षण देना.
तीसरा, युवाओं को नेतृत्व और सरकारी कामकाज में ज्यादा भागीदारी का मौका देना.
चौथा, युवाओं को नई तकनीक और भविष्य की जरूरतों के हिसाब से कौशल सिखाना, स्वयंसेवा और देश के विकास से जोड़ना.