Sunday, 25 October 2026
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धीरेंद्र शास्त्री बोले-पहले के राक्षस हवन में हड्डियां डालते थे:आज के राक्षस सोशल मीडिया पर पोस्ट डालते; कथा में भीड़ नहीं, भक्ति मायने रखती

INT News25 October 2026 at 09:32 pm

शिवपुरी जिले के करैरा में श्रीराम कथा के दूसरे दिन शास्त्री ने सोशल मीडिया पर कथा में भीड़ कम होने को लेकर किए गए पोस्टों पर चुटीले अंदाज में करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि पहले के जमाने में राक्षस मुनियों के यज्ञ और हवन में हड्डियां डालकर बाधा पहुंचाते थे, लेकिन आज के दौर के राक्षस बदल गए हैं-वे अब सोशल मीडिया पर पोस्ट डालते हैं। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि रामकथा में भीड़ की गिनती से ज्यादा श्रद्धालुओं की भक्ति मायने रखती है। कथा सुनने के लिए स्वयं हनुमान जी विराजते हैं। दुनिया वाले चाहे जो भी अफवाहें फैलाते रहें, पंडाल में भीड़ हो या न हो, हनुमान जी का क्रेज कभी कम नहीं होने वाला। कथा की शुरुआत महाआरती से हुई। पंडित शास्त्री ने देर से आने की वजह बताते हुए कहा कि उन्हें सुबह एक जरूरी कार्यक्रम के सिलसिले में दिल्ली जाना पड़ा था। इस दौरान अमेरिका से आए शिवयोगी इशांत शिवानंद महाराज भी कथा में विशेष रूप से शामिल हुए। नेताओं की राजनीति पर कसा तंज अपने जाने-पहचाने अंदाज में धीरेंद्र शास्त्री ने राजनेताओं पर भी जमकर तंज कसा। उन्होंने कहा कि नेता उनके पास आकर कहते हैं कि 'महाराज आपके अलावा हमारा कोई नहीं है', लेकिन वे यही बात 20 अन्य गुरुओं के पास जाकर भी दोहराते हैं। इसके साथ ही उन्होंने संस्कारों की अहमियत समझाते हुए कहा कि इंसान को जैसा सिखाया जाता है, वह वैसा ही बनता है। उन्होंने उदाहरण दिया कि सिर्फ प्यास बुझाने का ज्ञान होने से प्यास नहीं मिटती, उसके लिए पानी पीना पड़ता है। ठीक वैसे ही सिर्फ बातें सुनने से नहीं, बल्कि कथा की सीख को जीवन में उतारने से ही जीवन सुधरेगा। 30 अक्टूबर तक चलेगी कथा करैरा के बगीचा धाम स्थित श्रीराम राजा सरकार धाम में यह श्रीराम कथा 24 से 30 अक्टूबर तक आयोजित की जा रही है। कथा रोज दोपहर 2 बजे से शुरू होती है। तय कार्यक्रम के मुताबिक, 27 और 28 अक्टूबर को बहुप्रतीक्षित 'दिव्य दरबार' लगाया जाएगा, जबकि 29 और 30 अक्टूबर को गुरु दीक्षा का कार्यक्रम होगा। आयोजन को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।