समाचार · मध्य प्रदेश
बारिश से फसलों को मिला जीवनदान, धान के गढ़े अब भी सूखे
भास्कर संवाददाता | बहादुरपुर जिले में मानसून की बेरुखी से किसान परेशान हैं। बुधवार को हुई एक घंटे की बारिश से सूख रही सोयाबीन, उड़द, मक्का, मूंग एवं अन्य फसलों को जरूर जीवनदान मिला है, लेकिन धान की खेती के लिए जरूरी गढ़े अब भी सूखे पड़े हुए हैं। धान रोपाई का समय निकलता जा रहा है, लेकिन खेतों में अभी तक पानी नहीं पहुंच पाया है। ऊपर से बिजली कटौती ओर बारिश नहीं होने से बाटरलेबल गायब हो रहा है। किसानों का कहना है कि कई दिन बाद बुधवार को हल्की बारिश से सिर्फ धूल बैठी है। सोयाबीन, उड़द मक्का और मूंग की फसल में नमी आई है, जिससे यही कहा जा सकता है कि मुरझाई हुई फसलों को एक तरह से जीवनदान मिला है। लेकिन धान के लिए यह काफी नहीं है। इंद्र भगवान के न पसीजने से हर तरफ मन्नतों का दौर चल रहा है। गांव-गांव में हवन-पूजन और मन्नतें हो रही हैं।बारिश कम होने से जिले की छोटी-बड़ी नदियों और नालों में पानी का नामोनिशान नहीं है। क्षेत्र के दोनों तालाब कोंचाबांध ओर मोलाबांध भी आस लगाएं हुए है। ओर यदि अल्प बारिश का सामना करना पड़ा तो इससे रबी की फसल के लिए पानी की चिंता अभी से सताने लगी है। कृषि विभाग के अनुसार लगातार बारिश न होने से भूजल स्तर में भी गिरावट आई है। कई जगहों पर वाटरलेबल 150- 200 फीट तक चला गया है।