समाचार · झारखंड
जमीन अधिग्रहण के मुआवजे में करोड़ों की ठगी, डीसी के निर्देश पर दर्ज हुई प्राथमिकी

Kanke Transport Nagar: कांके के सुकुरहुटू में प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट नगर निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण के मुआवजा भुगतान में 2.25 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है. आरोप है कि मुआवजे की राशि मिलने के बाद एक बिचौलिये ने रैयतों को डरा-धमकाकर नगद और बैंक ट्रांसफर के माध्यम से करोड़ों रुपये वसूल लिये. इस मामले में भू-अर्जन कार्यालय के कर्मियों और एसबीआई अरसंडे शाखा के प्रबंधक की कथित मिलीभगत का भी आरोप लगाया गया है. भुक्तभोगियों की शिकायत पर कांके थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है.
73 डिसमिल जमीन के बदले मिले थे 4.50 करोड़ रुपये
प्राथमिकी के अनुसार, कांके प्रखंड के सुकुरहुटू में ट्रांसपोर्ट नगर निर्माण के लिए दो खातों की कुल 73 डिसमिल जमीन का अधिग्रहण किया गया था. इसके एवज में करीब 4.50 करोड़ रुपये मुआवजा स्वीकृत हुआ था. शिकायतकर्ता मोतीलाल पाहन ने आरोप लगाया है कि भू-अर्जन कार्यालय से जुड़े बिचौलिये सुकुरहुटू निवासी नुरुल होदा ने मुआवजा दिलाने में मदद करने के नाम पर उनके और उनके परिवार के सदस्यों से बड़ी रकम वसूल ली. आरोप है कि नुरुल होदा ने उन्हें लगातार डरा-धमकाकर नगद और बैंक ट्रांसफर के माध्यम से कुल 2.25 करोड़ रुपये ले लिये.
ये भी पढ़ें: अनगड़ा CHC में घायल को स्ट्रेचर मिलने में देरी का आरोप, ग्रामीणों ने उठाये सवाल
भू-अर्जन कार्यालय के कर्मियों ने कराया था परिचय
शिकायतकर्ता के मुताबिक, भू-अर्जन कार्यालय के दो कर्मियों ने तेतरी देवी के घर पर नुरुल होदा से उनका परिचय कराया था. उस दौरान बताया गया था कि नुरुल ने मुआवजा दिलाने में काफी मदद की है. इसके बाद उसने मोतीलाल पाहन और उनके परिवार के सदस्यों पर दबाव बनाकर पैसे वसूलने शुरू कर दिये. प्राथमिकी में एसबीआई अरसंडे शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक की भूमिका पर भी सवाल उठाये गये हैं. आरोप है कि पूरे मामले में उनकी भी मिलीभगत थी.
चार खातों से 75-75 लाख रुपये लेने का आरोप
शिकायत में मुआवजा भुगतान का ब्योरा भी दिया गया है. इसके अनुसार, 17 मार्च 2026 को मोतीलाल पाहन के एसबीआई अरसंडे खाते में पहली किस्त के रूप में 1.39 करोड़ रुपये आये थे. वहीं तेतरी देवी, छुनकु पाहन और चंदू पाहन के खातों में 44.33-44.33 लाख रुपये भेजे गये थे. दूसरी किस्त में मोतीलाल पाहन को 92.78 लाख रुपये, जबकि तेतरी देवी, छुनकु पाहन और चंदू पाहन को 30.92-30.92 लाख रुपये मिले थे.
आरोप है कि नुरुल होदा ने चारों लाभुकों के खातों से 75-75 लाख रुपये के हिसाब से कुल 2.25 करोड़ रुपये हासिल किये. इसमें 10 लाख रुपये नगद लेने और शेष 2.15 करोड़ रुपये अपने एसबीआई खाते में ट्रांसफर कराने का आरोप है. शिकायत के अनुसार, यह रकम भू-अर्जन कार्यालय के कर्मियों लाल हर्ष शाहदेव, अमित कुमार गुप्ता और राज कुमार महतो को देने के नाम पर ली गयी थी.
ये भी पढ़ें: झारखंड में बादलों की विदाई के बाद बढ़ेगी ठंड, सुबह कुहासा और रात में सताएगी ठंड
डीसी से शिकायत के बाद दर्ज हुई प्राथमिकी
ठगी का एहसास होने के बाद भुक्तभोगी परिवार ने रांची विश्वविद्यालय आदिवासी छात्र संघ के अध्यक्ष संजय महली से संपर्क किया. इसके बाद मंगलवार को संजय महली परिवार के सदस्यों को लेकर उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री से मिले और पूरे मामले की जानकारी दी. उन्होंने मुआवजा राशि की कथित हेराफेरी और परिवार के साथ हुई ठगी की शिकायत की. इसके बाद उपायुक्त ने कांके थाना को मामले की जांच कर कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया. संजय महली की पहल के बाद कांके थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी.
डीसी ने कहा- शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश
इस मामले में उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने बताया कि ट्रांसपोर्ट नगर के लिए जमीन अधिग्रहण के मुआवजा भुगतान में ठगी होने की शिकायत एक रैयत की ओर से की गयी थी. प्रारंभिक जांच में किसी व्यक्ति द्वारा ठगी किये जाने की बात सामने आयी है. रैयत के आवेदन के आधार पर कांके थाना को प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया गया है. मामले में आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई की जानी है.