Thursday, 22 October 2026
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कलेक्टर से महिला बोली-रात में बिना बताए आकर देखिए व्यवस्था:शिशु वार्ड में सफाई-भोजन की समस्या; अधिकारी ने सुधारने के दिए निर्देश

INT News22 October 2026 at 11:22 am

बालाघाट जिला अस्पताल के निरीक्षण के दौरान गुरुवार को कलेक्टर आदित्य सिंह के सामने एक महिला ने अस्पताल की अव्यवस्थाओं की पोल खोल दी। महिला ने सफाई, शौचालय, भोजन और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं बेबाकी से बताईं। शिकायतें सुनकर मौके पर मौजूद जिम्मेदार अधिकारी असहज नजर आए। महिला ने कलेक्टर से यहां तक कहा कि वे रात में बिना बताए अस्पताल आएं, तब उन्हें वास्तविक स्थिति पता चलेगी। शिशु वार्ड में महिला ने बताईं समस्याएं कलेक्टर पहली बार जिला अस्पताल के निरीक्षण पर पहुंचे थे। इस दौरान शिशु वार्ड में भर्ती मरीजों के परिजनों ने व्यवस्थाओं को लेकर शिकायतें कीं। महिला ने बताया कि वार्ड की खिड़कियों में जाली और कांच नहीं होने से मच्छर अंदर आ जाते हैं। उल्टी करने के लिए बाल्टी तक उपलब्ध नहीं है। वार्ड में गंदगी रहती है और नाश्ता भी नहीं मिलता। ऐसे में परिजनों को कैंटीन में जाकर खाना खाना पड़ता है। महिला ने यह भी कहा कि मरीजों को मिलने वाली दाल और सब्जी पानी जैसी होती है। उसने कलेक्टर से कहा कि उनके आने की सूचना मिलने पर सफाई कर दी गई, लेकिन उनके जाने के बाद व्यवस्थाओं पर ध्यान नहीं दिया जाता। महिला ने नर्सों के व्यवहार को लेकर भी नाराजगी जताई। कलेक्टर ने कहा- अस्पताल आते रहेंगे महिला की शिकायतें सुनने के बाद कलेक्टर ने व्यवस्थाओं में सुधार का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि अब वे अस्पताल का लगातार निरीक्षण करते रहेंगे। इसके बाद कलेक्टर ने शिशु वार्ड सहित अन्य वार्डों का भी जायजा लिया। गंदे पानी की निकासी से लेकर बेड तक के निर्देश निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने ट्रॉमा सेंटर के सामने बह रहे गंदे पानी की उचित निकासी कराने, मरीजों के लिए बेड की मांग पूरी करने और शौचालयों की सफाई पर ध्यान देने के निर्देश दिए। अस्पताल के खराब सामान को कबाड़ में बेचने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू करने को भी कहा। उन्होंने बच्चों और पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती बच्चों को दिए जाने वाले भोजन के मेन्यू की जानकारी ली। साथ ही सीसीटीवी कैमरों को दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने नाश्ते में दिए जा रहे उपमा का स्वाद भी चखा। निरीक्षण के दौरान क्या व्यवस्थाएं बेहतर मिलीं और कहां कमियां थीं, इस संबंध में चर्चा करने का प्रयास किया गया, लेकिन कलेक्टर बिना बात किए चले गए। अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार पर सवाल निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ डॉ. शत्रुघ्न दाहिया, सिविल सर्जन डॉ. निलय जैन सहित स्वास्थ्य विभाग का अमला मौजूद रहा। जिले के सबसे बड़े जिला अस्पताल में अव्यवस्थाओं की शिकायतें लंबे समय से सामने आती रही हैं। नए भवन बनने के बावजूद मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं या नहीं, यह सवाल बना हुआ है। अब देखना होगा कि कलेक्टर के निर्देशों के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं में कितना सुधार होता है।