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Watch Video: आंध्र प्रदेश में 'मुरासु' का कहर, ओंगोल और कोथापट्टनम में बाढ़ जैसे हालात; खेतों में भरा समुद्र का पानी

Cyclone Murasu Video: चक्रवात मुरासु के असर से आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाओं ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं. प्रकाशम जिले के ओंगोल और कोथापट्टनम में कई जगह बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. लगातार बारिश के कारण सड़कों और निचले इलाकों में पानी भर गया है. तटीय क्षेत्रों में समुद्र का पानी भी अंदर तक पहुंचने की खबर है. इससे स्थानीय लोगों को आवाजाही और रोजमर्रा के कामों में परेशानी हो रही है.
नमक के खेत और कृषि भूमि को नुकसान
ओंगोल के आसपास नमक के खेतों और कृषि भूमि को भारी नुकसान पहुंचा है. तेज हवाओं और बारिश के कारण नमक उत्पादन से जुड़े काम प्रभावित हुए हैं. खेतों में पानी भरने से फसलों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है. स्थानीय स्तर पर नुकसान का आकलन किया जा रहा है. हालांकि, अभी तक नमक के खेतों, फसलों या क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे को हुए कुल नुकसान का कोई आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है.
तेज हवाओं से पेड़ और बिजली के खंभे प्रभावित
तूफान के दौरान तटीय इलाकों में हवा की रफ्तार 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की जानकारी दी गई थी. तेज हवाओं के कारण कई जगह पेड़ और बिजली के खंभे गिरने की खबरें हैं. हालांकि, उखड़े हुए पेड़ों और क्षतिग्रस्त खंभों की सटीक संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. बिजली आपूर्ति और सड़क यातायात पर भी असर पड़ा है.
तेलंगाना में भी भारी बारिश का अनुमान
मौसम विभाग ने दक्षिण-पूर्वी तेलंगाना में 3 नवंबर की रात से 4 नवंबर की सुबह तक भारी बारिश की आशंका जताई है. ऐसे में आंध्र प्रदेश के साथ आसपास के क्षेत्रों में भी लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है. तटीय इलाकों में राहत और बहाली का काम मौसम की स्थिति पर निर्भर करेगा.
वीडियो में देखिए चक्रवात के बाद के हालात
ओंगोल और कोथापटनम के वीडियो में तटीय इलाकों में पानी भरने और बाढ़ जैसी स्थिति साफ दिखाई दे रही है. चक्रवात के बाद भी बारिश जारी रहने से लोगों की परेशानी बढ़ी हुई है. प्रशासन के सामने अब जलभराव से निपटने, बिजली व्यवस्था बहाल करने और प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचाने की चुनौती है.
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