Tuesday, 3 November 2026
INTइंडियन न्यूज़ ट्रस्टजहाँ सत्य मिले विश्वास से
ताज़ा खबरें

समाचार · मध्य प्रदेश

रॉड-लाठी से पीटकर हत्या करने वाले पति-पत्नी को उम्रकैद:सिहोरा कोर्ट ने सुनाया फैसला, 12 हजार का जुर्माना भी लगाया, 2 साल में आया फैसला

INT News3 November 2026 at 08:54 pm

जबलपुर जिले की सिहोरा तहसील में करीब दो साल पहले लोहे की रॉड और लाठियों से पीटकर एक व्यक्ति की हत्या करने वाले पति-पत्नी को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मंगलवार को अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कोल की अदालत ने आरोपी कच्छेदी गौड़ और उसकी पत्नी मीराबाई गौड़ को हत्या और मारपीट के मामले में दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। दोनों पर कुल 12 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। विशेष लोक अभियोजक अनिशा खान के अनुसार, घटना 13 अगस्त 2024 की रात करीब 8 बजे की है। राजेश चौधरी के पिता श्यालाल चौधरी उर्फ सिम्मा उर्फ श्यामलाल चौधरी बीड़ी लेने जितेंद्र ठाकुर की दुकान पर गए थे। कुछ देर बाद राजेश की मां बिट्टीबाई ने घर के बाहर से आवाज लगाकर बताया कि कच्छेदी और उसकी पत्नी उनके पिता को मार रहे हैं। राजेश और उसके चचेरे भाई शंकर दौड़कर सड़क पर पहुंचे तो देखा कि कच्छेदी गौड़ लोहे की रॉड से और उसकी पत्नी मीराबाई डंडे से श्यामलाल को पीट रही थी। दोनों ने श्यामलाल को सड़क किनारे गिरा दिया था। बचाने पहुंचे परिजनों पर भी हमला राजेश, शंकर और बिट्टीबाई श्यामलाल को बचाने पहुंचे तो कच्छेदी रॉड लेकर उनकी ओर दौड़ा और हमला किया। रॉड बिट्टीबाई के बाएं हाथ की कलाई पर लगी, जिससे उन्हें चोट आई। शोर सुनकर मोहल्ले के अन्य लोग भी मौके पर पहुंचे। इसके बाद कच्छेदी और मीराबाई वहां से भाग गए। मीराबाई ने वारदात में इस्तेमाल डंडा सड़क किनारे बाड़ी की तरफ फेंक दिया था। चोटों के कारण हुई थी मौत अभियोजन के अनुसार, श्यामलाल की मौत कच्छेदी की रॉड और मीराबाई के डंडे से आई चोटों के कारण हुई। घटना के बाद अपराध क्रमांक 405/24 में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 और 3(5) सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर विवेचना की गई। अदालत ने कच्छेदी गौड़ को धारा 103 सहपठित धारा 3(5) बीएनएस में आजीवन कठोर कारावास और 5 हजार रुपए जुर्माना तथा धारा 115(2) सहपठित धारा 3(5) में एक वर्ष का कठोर कारावास और 1 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। मीराबाई गौड़ को धारा 103 सहपठित धारा 3(5) में आजीवन कारावास और 5 हजार रुपए जुर्माना तथा धारा 115(2) सहपठित धारा 3(5) में एक वर्ष का कठोर कारावास और 1 हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया गया।