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तीन राज्यों की पुलिस गांजा तस्करों का डेटाबेस बनाएगी:छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा में साझा होगा फोटो सहित रिकॉर्ड; सीमाओं पर बढ़ेंगे चेकपोस्ट
छत्तीसगढ़, ओडिशा और झारखंड की पुलिस अब अंतरराज्यीय गांजा तस्करों पर संयुक्त रूप से कार्रवाई करेगी। इसके लिए छत्तीसगढ़ और ओडिशा पुलिस गांजा तस्करों का फोटो सहित डेटाबेस तैयार करेगी। इसमें तस्करी में संलिप्त आरोपियों का पूरा विवरण दर्ज किया जाएगा। इस जानकारी को तीनों राज्यों के सीमावर्ती जिलों के पुलिस प्रशासन के साथ साझा किया जाएगा, ताकि तस्करों की पहचान कर उनके खिलाफ समन्वित और त्वरित कार्रवाई की जा सके। मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में आयोजित इंटर स्टेट बॉर्डर मीटिंग में तीनों राज्यों के पुलिस और राजस्व अधिकारियों ने मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध धान परिवहन और अपराध नियंत्रण को लेकर रणनीति पर चर्चा की। बैठक की अध्यक्षता डीआईजी एवं एसएसपी जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने की। बैठक में कलेक्टर रोहित व्यास सहित तीनों राज्यों के अधिकारी शामिल हुए। डेटाबेस और चेकपोस्ट से तस्करी पर नियंत्रण की तैयारी एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि बैठक में ओडिशा से बड़ी मात्रा में आने वाले गांजे की तस्करी पर प्रमुखता से चर्चा हुई। लंबे समय से इस गतिविधि में संलिप्त तस्करों का डेटाबेस तैयार करने पर सहमति बनी है। इसमें तस्करों की तस्वीर और अन्य जरूरी जानकारी दर्ज की जाएगी। इसे संबंधित सीमावर्ती जिलों के पुलिस अधिकारियों के साथ साझा किया जाएगा, जिससे तस्करों की पहचान और उनके खिलाफ संयुक्त कार्रवाई में मदद मिलेगी। इसके अलावा ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ की सीमाओं पर चेकपोस्ट की संख्या बढ़ाने, वाहनों की जांच व्यवस्था मजबूत करने और तस्करी से जुड़ी सूचनाएं तत्काल साझा करने पर भी सहमति बनी। 15 नवंबर से धान खरीदी, अवैध परिवहन रोकने पर चर्चा बैठक में धान के अवैध परिवहन का मुद्दा भी उठा। कलेक्टर रोहित व्यास और एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने ओडिशा और झारखंड से आए अधिकारियों को बताया कि छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होगी। इस दौरान ओडिशा और झारखंड से छत्तीसगढ़ में धान की अवैध आवक की आशंका रहती है। इसे रोकने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में चेकपोस्ट और वाहनों की जांच व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई। अपराधियों की गतिविधियों की जानकारी तुरंत साझा करेंगे बैठक में तीनों राज्यों के अधिकारियों ने अपराधियों और आपराधिक गतिविधियों से जुड़ी सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान करने पर जोर दिया। अधिकारियों ने कहा कि अपराध करने के बाद आरोपी पुलिस से बचने के लिए दूसरे राज्यों में शरण ले लेते हैं। ऐसे अपराधियों को पकड़ने के लिए सीमावर्ती जिलों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। अपराधियों की गतिविधियों और उनके मूवमेंट की जानकारी समय पर साझा होने से कार्रवाई में तेजी आएगी। एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि तीनों राज्यों की सीमा से लगे जिलों के बीच आपसी समन्वय से मादक पदार्थों की तस्करी, अपराधों पर नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विस्तार से चर्चा हुई है। संयुक्त कार्रवाई पर सहमति बनी है, जिससे आने वाले दिनों में कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। ये अधिकारी रहे मौजूद बैठक में कलेक्टर रोहित व्यास, डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल, अपर कलेक्टर बलरामपुर अनिल कुमार सिदार, अपर कलेक्टर सरगुजा पीवी खेस, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रायगढ़ अनिल कुमार सोनी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जशपुर राकेश कुमार पाटनवार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बलरामपुर-रामानुजगंज विश्वदीपक त्रिपाठी, एसडीओपी जशपुर निमितेश सिंह, एसडीओपी कुनकुरी राजेश साहू, एसडीओपी पत्थलगांव डॉ. धुर्वेश कुमार जायसवाल सहित तीनों राज्यों के पुलिस और राजस्व अधिकारी उपस्थित थे।