Tuesday, 3 November 2026
INTइंडियन न्यूज़ ट्रस्टजहाँ सत्य मिले विश्वास से
ताज़ा खबरें

समाचार · मध्य प्रदेश

100 किमी दूर से छतरपुर जनसुनवाई में पहुंचा ग्रामीण:दो घंटे लाइन में लगा; लेकिन अधिकारी शिकायत सुने बिना चले गए

INT News3 November 2026 at 08:37 pm

छतरपुर में मंगलवार को कलेक्टर जनसुनवाई में दूर-दराज के गांवों से आए कई लोग अधिकारियों से मिले बिना ही लौट गए। ग्रामीणों का आरोप है कि दोपहर 1 बजे ही अधिकारी उठकर चले गए और गार्ड्स ने उन्हें गेट पर ही रोक दिया। लोग 100 से 150 किलोमीटर दूर से बसों में किराया लगाकर अपनी शिकायत लेकर पहुंचे थे। वे घंटों लाइन में खड़े रहे, लेकिन अपनी बात नहीं कह पाए। जब मीडिया वहां पहुंचा, तब जाकर बाहर खड़े लोगों से आवेदन लिए गए। ग्रामीणों का कहना है कि आने-जाने में करीब 500 रुपए खर्च हो जाते हैं। सिर्फ पर्ची थमा दी जाती है, पर अफसरों से मिलने नहीं दिया जाता। कलेक्टर और बड़े अफसर नहीं थे मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि कलेक्टर मृणाल मीना काम के सिलसिले में मौजूद नहीं थे। जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया जनसुनवाई में बैठे थे, लेकिन वे भी 1 बजे किसी काम से निकल गए। चंदला के ग्राम घबराहट से आए रामकिशोर ने बताया कि वे सुबह 7 बजे निकले और 100 किमी की यात्रा के बाद 2 घंटे लाइन में लगे रहे, फिर भी अफसर उठकर चले गए। वे लगातार दो हफ्ते से चक्कर काट रहे हैं। मीडिया के आने पर लिए गए आवेदन मामला सामने आने पर अधिकारियों ने बाहर खड़े लोगों से आवेदन लेना शुरू किया। तहसीलदार रामनरेश गौतम ने बताया कि जनसुनवाई का समय सुबह 11 से दोपहर 1 बजे तक होता है। एडीएम के निर्देश पर बाहर खड़े सभी लोगों के आवेदन जमा कर उन्हें रसीद दी गई है और उस पर काम किया जाएगा। रसीद से कैसे होगा समाधान? दूर-दूर से आए ग्रामीणों का कहना है कि सिर्फ आवेदन लेकर पर्ची देने से उनकी समस्या हल नहीं होगी। जब लोग 500 रुपए खर्च करके आ रहे हैं, तो अफसरों को कम से कम 2 मिनट उनकी बात सुननी चाहिए। ऐसी अनदेखी से लोगों का जनसुनवाई से भरोसा उठता जा रहा है।