समाचार · हरियाणा
नूंह में वक्फ बोर्ड प्रशासक के खिलाफ नारेबाजी:इंजीनियरिंग छात्रों की भूख हड़ताल, सुविधाएं देने और वेतन विसंगतियां दूर करने की मांग
नूंह जिले के पल्ला गांव स्थित वक्फ इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्रों और स्टाफ का आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है। कॉलेज में व्याप्त अव्यवस्थाओं, मूलभूत सुविधाओं की कमी और कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों को लेकर जारी भूख हड़ताल मंगलवार को पांचवें दिन भी जारी रही। दो छात्र हुजैफा और अरबाज पांच दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। लगातार अनशन के चलते दोनों की हालत को लेकर चिंता बढ़ने लगी है। मंगलवार को दोनों छात्र धरनास्थल पर जमीन पर लेटे नजर आए। भूख हड़ताल के पांचवें दिन छात्रों और कॉलेज स्टाफ ने हरियाणा वक्फ बोर्ड के प्रशासक चौधरी जाकिर हुसैन के खिलाफ जमकर नाराजगी जाहिर की। दिल्ली से समर्थन देने पहुंचे छात्र धरनास्थल पर पहुंचे स्थानीय नेता तैयब हुसैन घासेडिया, कांग्रेस नेता हिदायत खान कमांडो और इनेलो नेता आसिफ तैयब हुसैन ने आंदोलन को समर्थन दिया। दिल्ली के जामिया से पहुंचे कुछ छात्रों ने भी आंदोलनकारियों के बीच अपनी बात रखी और कॉलेज की स्थिति पर नाराजगी जताई। कॉलेज प्रवक्ता डॉ. शाहीन ने बताया कि संस्थान में उच्च शिक्षित और योग्य स्टाफ होने के बावजूद लंबे समय से वेतन विसंगतियों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार वक्फ बोर्ड प्रशासन के सामने यह मुद्दा उठाया गया, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। स्टाफ का आरोप- प्रोफेसर से ज्यादा ड्राइवर का वेतन स्टाफ का आरोप है कि कॉलेज में ड्राइवरों का वेतन प्रोफेसरों से अधिक है। इस विसंगति को दूर करने के लिए लगातार मांग की जा रही है, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। वहीं, कॉलेज में पर्याप्त सुविधाएं नहीं होने के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। छात्रों का कहना है कि इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए जरूरी सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है, लेकिन उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। स्थानीय नेता तैयब हुसैन घासेडिया ने आरोप लगाया कि जाकिर हुसैन स्थानीय निवासी होने के बावजूद कॉलेज की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। उन्होंने सरकार से हस्तक्षेप कर कॉलेज की व्यवस्था सुधारने और छात्रों का भविष्य बचाने की मांग की।