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भोपाल के बड़ा तालाब की हद जानने ड्रोन सर्वे:गौहर महल के पास से उड़ा ड्रोन; भोजताल के कई संवेदनशील क्षेत्रों की ग्राउंड रिकॉर्डिंग
नेशनल ग्रीन ट्रूब्नल (एनजीटी) के आदेश के बाद गठित टीम रविवार को भोपाल के बड़ा तालाब और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन से सर्वे करने पहुंची। गौहर महल से ड्रोन सर्वे की शुरुआत की गई। दूसरी टीम ने अलग-अलग स्थानों पर स्थलीय निरीक्षण और ग्राउंड ट्रुथिंग का कार्य भी समानांतर रूप से किया। इधर, बैरागढ़ एसडीएम वृत्त की टीम ने अवैध निर्माण पर कार्रवाई की। सर्वे के दौरान पर्यावरणविद् और याचिकाकर्ता डॉ. सुभाष सी. पांडे, राशिद नूर भी मौजूद रहे। सर्वे के दौरान कई स्थानों पर तालाब की सीमा, फुल टैंक लेवल और ग्रीन बेल्ट के चिन्हांकन से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदु सामने आए। कई जगह रिटेनिंग वॉल के ऊपर से पानी बहता हुआ पाया गया। करबला पंप हाउस के सामने, श्रीन नदी के आसपास और अन्य स्थानों पर तालाब में जलकुंभी एवं पानी में उगने वाली घास का फैलाव भी दिखाई दिया। खानूगांव क्षेत्र में कई स्थानों पर FTL एवं ग्रीन बेल्ट के मुनारे मौके पर दिखाई नहीं दिए। इसके बाद टीम द्वारा उन स्थानों का भी निरीक्षण किया गया, जहां पानी वास्तविक रूप से काफी आगे तक फैला हुआ पाया गया। सर्वे के दौरान प्रमुख रूप से खानूगांन के अंडर कंस्ट्रक्शन क्रूज साइट, आर्मी स्पोर्ट्स एरिया, कोहेफिजा, हलालपुरा के फिजा फार्म, लैंडमार्क मैरिज गार्डन के पीछे, चिरायु अस्पताल क्षेत्रों में टीमें पहुंचीं। फार्म क्षेत्र में पक्का पुल बना मिला
हलालपुरा के फिजा फार्म क्षेत्र में पक्का पुल बना हुआ पाया गया और उसके आगे तक पानी फैला हुआ था। वहीं लैंडमार्क मैरिज गार्डन के पीछे सड़क के आसपास लगभग 6 फीट तक का भराव दिखाई दिया। आसपास पानी मौजूद था और समीप बड़े मैरिज गार्डन तथा पार्किंग से संबंधित भराव भी नजर आया। यहां भी FTL के मुनारे मौके पर दिखाई नहीं दिए। सर्वे में ड्रोन सर्वे के साथ ग्राउंड ट्रुथिंग की गई। ताकि मौके की वास्तविक स्थिति का तकनीकी आकलन किया जा सके। निरीक्षण की कार्रवाई दोपहर 3 बजे तक जारी रही। वहीं बैरागढ़ क्षेत्र का सर्वे अभी शेष है, जिसे आगे पूरा किया जाना है। सर्वे में ये बातें सामने आईं
इस सर्वे से यह महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है कि भोजताल से जुड़े कई क्षेत्रों में FTL, ग्रीन बेल्ट और वास्तविक जलभराव क्षेत्र के मौके पर स्पष्ट चिन्हांकन की स्थिति का तकनीकी परीक्षण आवश्यक है। NGT द्वारा कराए जा रहे ड्रोन सर्वे और ग्राउंड ट्रुथिंग के बाद इन क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति और सीमाओं को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है। अतिक्रमण पर बड़ी कार्रवाई...जेसीबी से तोड़े पक्के निर्माण
इधर, बैरागढ़ अनुभाग वृत्त की टीम ने रविवार को अतिक्रमण को लेकर बड़ी कार्रवाई की। बैरागढ़कलां में अवैध कॉलोनी तोड़ी गई। एसडीएम रवीशकुमार श्रीवास्तव, तहसीलदार हर्षविक्रम सिंह की मौजूदगी में हुई कार्रवाई में तीन कॉलोनियों में बने पक्के स्ट्रक्चर को तोड़ा गया। इनमें सड़क, गेट व अन्य अवैध निर्माण भी शामिल हैं।