समाचार · मध्य प्रदेश
थोड़ा नजदीक होगा प्रभार:मंत्रियों के प्रभार जिले पहले बदलेंगे, मंत्रिमंडल बाद में
मप्र में मंत्रिमंडल विस्तार या विभागीय कामकाज में बदलाव से पहले मंत्रियों के प्रभार वाले जिले बदले जाएंगे। मप्र ने केंद्रीय संगठन को 3 प्रस्ताव दिए थे। इसमें मंत्रिमंडल विस्तार, विभागों में बदलाव और प्रभार के जिले बदलने की बात शामिल थी। अभी सिर्फ प्रभार के जिलों वाले मसले को ही हरी झंडी मिली है। सूत्रों के मुताबिक दिसंबर पहले पखवाड़े तक प्रभार के जिले बदले जाएंगे। नए साल में मंत्रिमंडल विस्तार पर बात होगी। साफ है कि जिन मंत्रियों के जिलों की दूरी ज्यादा है, उन्हें बदला जाएगा। पार्टी स्तर पर इसका होमवर्क हो चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पास साल भर की रिपोर्ट भी है। यहां बता दें कि हाल ही में पार्टी में उच्च स्तर पर यह शिकायत पहुंची है कि कई मंत्री प्रभार के जिलों में निरंतर नहीं जा रहे। न ही रात रुक रहे हैं। स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं के घर भोजन की बात तो और भी दूर की कौड़ी बन रही है। इस वजह से जिलों के पदाधिकारियों में थोड़ी नाराजगी है। प्रदेश प्रभारी बिप्लब कुमार देब और नए प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्रशेखर तिवारी को भी इसकी जानकारी दी गई है। प्रभार के जिले गृह जिले से कितने दूर मप्र से राज्यसभा जाएंगे केंद्रीय मंत्री हरदीप, 31 को नामांकन पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई मप्र कोटे की सीट से केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी राज्यसभा जाएंगे। भाजपा केंद्रीय संगठन ने बुधवार को उनका नाम घोषित किया। पुरी 30 अक्टूबर को भोपाल आएंगे और 31 को नामांकन दाखिल करेंगे। पुरी का यूपी से राज्यसभा का कार्यकाल 25 नवंबर को खत्म हो रहा है। नाम घोषित होने से पहले ही भाजपा ने खरीदा नामांकन पत्र पुरी की उम्मीदवारी घोषित होने से पहले बुधवार सुबह भाजपा के चुनाव कार्य प्रभारी एसएस उप्पल ने विधानसभा स्थित रिटर्निंग ऑफिसर कार्यालय से नामांकन पत्र खरीद लिया था। कांग्रेस ने अभी नामांकन पत्र नहीं खरीदा है। जीत के लिए 115 विधायकों का समर्थन जरूरी है। भाजपा के पास निर्मला सप्रे समेत 165, कांग्रेस के पास 65 विधायक हैं।