Tuesday, 3 November 2026
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VIDEO: नेहा बोरा को गौरव भाटिया का चैलेंज, कहा- हिम्मत है तो मदरसों में बच्चियों से दुराचार की बात कहकर दिखाएं

INT News3 November 2026 at 06:52 pm

दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गौरव भाटिया ने बांग्लादेश में हुए तख्तापलट का जिक्र करते हुए कहा कि नेहा बोरा ने उससे प्रेरणा ली थी. उन्होंने आरोप लगाया कि बांग्लादेश में हिंदू महिलाओं पर अत्याचार किए गए और हिंदुओं की हत्याएं हुईं. भाटिया ने कहा कि नेहा बोरा के बयान से सभी पुजारियों का अपमान हो रहा है.

बीजेपी नेता ने कहा, "यह उनकी जहरीली मानसिकता हो सकती है, लेकिन इतिहास गवाह है कि हिंदू सहनशील होते हैं और समाज सेवा करते हैं. हमने देखा है कि पुजारी किस तरह छोटी बच्चियों को शिक्षित करने और उनका पालन-पोषण करने के जरिए समाज की सेवा करते हैं. यही हमारी संस्कृति है."

उन्होंने आगे कहा, "अगर ऐसे बयान में कोई दम है, तो नेहा बोरा आगे बढ़कर यह भी कहें कि मदरसों में मौलवी मुस्लिम लड़कियों पर अत्याचार करते हैं. लेकिन वह ऐसा नहीं कहेंगी. इस तरह का चुनिंदा आक्रोश खतरनाक है और दुर्भावनापूर्ण इरादे से किया गया है."

राहुल गांधी को भी बताया अराजकता फैलाने वाला नेता

प्रेस कॉन्फ्रेंस में गौरव भाटिया ने कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर भी निशाना साधा. उन्होंने राहुल गांधी को अराजकता और विनाश में विश्वास रखने वाला नेता बताया. भाटिया ने कहा कि राहुल गांधी लोकतंत्र का गला घोंटना चाहते हैं और देश में अराजकता फैलाना चाहते हैं.

उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी लोकतांत्रिक व्यवस्था, संविधान के प्रति सम्मान और पिछले 12 वर्षों से बनी स्थिरता है. इसके उलट विपक्ष की सोच अराजक और संविधान विरोधी है.

भाटिया ने कहा, "राहुल गांधी अराजकता और विनाश में विश्वास रखते हैं. उन्हें यूं ही कोई 'भस्मासुर' नहीं कह देता. वह ऐसे नेता बन गए हैं, जो लोकतंत्र का गला घोंटकर अराजकता फैलाना चाहते हैं."

उन्होंने राहुल गांधी के साथ ममता बनर्जी और तेजस्वी यादव पर भी निशाना साधा. भाटिया ने कहा कि अगर विपक्षी नेता लगातार सरकार बदलने की मांग करते रहे, तो जनता विपक्ष को ही बदलने का विकल्प तलाश सकती है.

CEC के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के बीच बयानबाजी

गौरव भाटिया की यह टिप्पणी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के बीच आई है. मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर विपक्ष चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहा है.

इसी मुद्दे पर दिल्ली में वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण, AISA अध्यक्ष नेहा बोरा और कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने अलग-अलग कार्यक्रमों और प्रेस कॉन्फ्रेंस में 'रेजीम चेंज' यानी सरकार बदलने की बात कही थी. बीजेपी ने विपक्ष के इन बयानों को अराजकता फैलाने की कोशिश बताया है.

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