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नूंह में बिजली निजीकरण के विरोध में निकाला मार्च:सरकार को 3 दिन का अल्टीमेटम, कई संगठनों ने दिया समर्थन
हरियाणा प्रदेश के नूंह और गुरुग्राम जिले में बिजली विभाग के निजीकरण को लेकर नूंह के गांधी पार्क में बिजली कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। कर्मचारियों ने गांधी पार्क से मेन बाजार होते हुए विरोध मार्च निकाला और वापस गांधी पार्क पहुंचकर धरना दिया। एचपीसी वर्कर यूनियन संयुक्त संघर्ष मोर्चा के यूनिट प्रधान योगराज दीक्षित ने कहा कि बिजली विभाग के निजीकरण को लेकर कर्मचारियों में भारी रोष है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने पहले बिजली विभाग को निजी हाथों में नहीं देने का आश्वासन दिया था, लेकिन बाद में निजीकरण की दिशा में कदम उठाए गए। बैठक की आधिकारिक सूचना नहीं योगराज दीक्षित के मुताबिक, 10 अगस्त को हुई बैठक में सरकार ने बिजली विभाग को निजी हाथों में नहीं देने का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद उनके आरोप के अनुसार, दशहरे से एक दिन पहले 11 पावर टेक कंपनियों को लेकर निजीकरण संबंधी कदम उठाए गए। उन्होंने कहा कि सरकार की कथनी और करनी में अंतर है। इसी फैसले के विरोध में कर्मचारी हड़ताल पर जाने को मजबूर हुए हैं। बिजली मंत्री अनिल विज की ओर से दोपहर 3 बजे बैठक बुलाए जाने के सवाल पर योगराज दीक्षित ने कहा कि उनके पास राज्य स्तर से ऐसी बैठक को लेकर कोई आधिकारिक सूचना नहीं आई है। सरकार को तीन दिन का अल्टीमेटम योगराज दीक्षित ने बताया कि कर्मचारियों ने सरकार को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है। यदि सरकार निर्धारित समय में मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाती तो संयुक्त संघर्ष मोर्चा की राज्य कार्यकारिणी बैठक कर आंदोलन और हड़ताल को आगे बढ़ाने का निर्णय ले सकती है। योगराज दीक्षित के अनुसार, नूंह जिले में बिजली विभाग के कुल करीब 474 कर्मचारी तैनात हैं। फिलहाल ड्यूटी पर 12 कर्मचारी उन्होंने दावा किया कि इनमें से ज्यादातर कर्मचारी हड़ताल में शामिल हैं। उनके मुताबिक, फिलहाल 12 कर्मचारी ड्यूटी पर हैं, जिनका प्रोविजनल पीरियड चल रहा है। योगराज दीक्षित ने कहा कि कर्मचारी इस आंदोलन को केवल विभाग तक सीमित नहीं रखेंगे, बल्कि किसानों और बिजली उपभोक्ताओं के बीच जाकर भी अपनी बात रखेंगे। गांधी पार्क में चल रहे धरने को किसान सभा, सीआईटी, ग्रामीण चौकीदार सभा, सर्व कर्मचारी संघ और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का समर्थन मिलने की बात भी योगराज दीक्षित ने कही।