समाचार · हरियाणा
हड़ताल का असर: इलैक्टिक बसों का संचालन हुआ बंद:रेवाड़ी से औद्योगिक क्षेत्र में काम जाने वाले यात्रियों को उठानी पड़ी परेशानी
रेवाड़ी डिपो से बावल औद्योगिक क्षेत्र के लिए संचालित होने वाली इलेक्ट्रिक बसों के पहिए बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के चलते थम गए हैं। बसों की चार्जिंग नहीं होने के कारण इस रूट पर शुक्रवार को इलेक्ट्रिक बसों का संचालन बंद हो गया है। इसका सीधा असर औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों और रोजाना आवागमन करने वाले यात्रियों पर पड़ रहा है। यात्रियों को अब अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। रेवाड़ी डिपो की ओर से बावल औद्योगिक क्षेत्र के लिए पांच इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाता है। इन बसों के माध्यम से प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं। बावल में औद्योगिक इकाइयों की संख्या अधिक होने के कारण रेवाड़ी और आसपास के क्षेत्रों से हजारों लोग नौकरी और कामकाज के सिलसिले में यहां आते-जाते हैं। ऐसे में बस सेवा बाधित होने से यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीण रूट की दो बसों से मिल रही परिवहन सुविधा बावल में बड़ी संख्या में कंपनियां और फैक्ट्रियां हैं। यहां काम करने के लिए रेवाड़ी और आसपास के क्षेत्रों से हजारों लोग रोजाना आते-जाते हैं। ऐसे में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन प्रभावित होने से नौकरीपेशा लोगों को परेशानी हुई। इलेक्ट्रिक बसों का संचालन बंद होने के बाद बावल रूट पर यात्रियों के लिए परिवहन के विकल्प सीमित हो गए हैं। फिलहाल इस मार्ग पर इलैक्टिक बसों के सचालन बंद होने के बाद ग्रामीण रूट पर चलने वाली दो बसों के माध्यम से ही यात्रियों को सुविधा मिल रही है। यात्रियों की संख्या अधिक होने और बसों की उपलब्धता सीमित रहने से लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं समय पर औद्योगिक इकाइयों तक पहुंचने के लिए कई यात्रियों को निजी वाहनों पर निर्भर होना पड़ रहा है। औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वालों पर ज्यादा असर बावल औद्योगिक क्षेत्र में विभिन्न कंपनियों और फैक्ट्रियों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए बस सेवा आवागमन का प्रमुख साधन है। इलेक्ट्रिक बसों का संचालन बंद होने से सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को हो रही है, जो रोजाना रेवाड़ी से बावल नौकरी के लिए जाते हैं। बसों की संख्या कम होने के कारण यात्रियों को अपने सफर की वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ रही है। इलेक्ट्रिक बसों का संचालन बंद होने से बावल जाने वाले यात्रियों को निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। रोजाना नौकरी पर जाने वाले कर्मचारियों के सामने कार्यस्थल तक पहुंचने की समस्या खड़ी हो गई है। जिन यात्रियों के पास निजी वाहन नहीं हैं, उन्हें उपलब्ध सार्वजनिक परिवहन के अनुसार अपना सफर तय करना पड़ रहा है। जल्द ही जाएंगी वैकल्पिक व्यवस्था रोडवेज जीएम निरंजन शर्मा ने कहा कि बस स्टैंड पर बिजली नहीं होने के कारण इलैक्टिक बसों का संचालन नही हो पाया। शनिवार की सुबह को इस मार्ग पर अन्य बसों को भेजा जाएगा। यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी नही होने दी जाएगी।