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रोडवेज कर्मचारियों का 5-6 नवंबर को चक्का जाम का ऐलान:हिसार में प्रदर्शन, 4 तक सहमति परिपत्र जारी करने का अल्टीमेटम, बिजली कर्मियों को समर्थन
हरियाणा में चल रही बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल के बीच हिसार में हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा ने अपनी लंबित मांगों को लेकर 5 और 6 नवंबर को प्रदेशभर में चक्का जाम करने का ऐलान किया है। मोर्चा ने सरकार को 4 नवंबर तक परिवहन मंत्री के साथ 8 सितंबर को हुई बैठक में सहमत मांगों का परिपत्र जारी करने का अल्टीमेटम दिया है। शुक्रवार को प्रदेशभर के रोडवेज डिपो में कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे। इस दौरान बिजली बोर्ड के निजीकरण के खिलाफ आंदोलन कर रहे बिजली कर्मचारियों को भी समर्थन दिया गया। मोर्चा नेताओं ने कहा कि रोडवेज कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर 5 और 6 सितंबर को हड़ताल का नोटिस दिया था। इसके बाद 8 सितंबर को परिवहन मंत्री के साथ बैठक में 12 प्रमुख मांगों पर सहमति बनी थी। सरकार ने एक माह के भीतर संबंधित परिपत्र जारी करने का आश्वासन दिया था, लेकिन डेढ़ माह बीतने के बावजूद कोई परिपत्र जारी नहीं हुआ। इससे कर्मचारियों में रोष है। निजीकरण के खिलाफ भी जताया विरोध यूनियन के वरिष्ठ सदस्य राजबीर दुहन, संदीप जैनावास, कर्मबीर मसूदपुर, बजरंग लाखा सहित अन्य कर्मचारी नेताओं ने बिजली बोर्ड के निजीकरण और गुरुग्राम व नूंह में निजी कंपनी पावर-11 को 25 साल के लिए समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस देने के फैसले का विरोध किया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक सेवाओं का निजीकरण कर्मचारियों और आम जनता के हितों को प्रभावित करेगा। रोडवेज में निजी परमिट देने की योजना भी सरकारी परिवहन व्यवस्था और रोजगार के अवसरों के लिए नुकसानदायक है। रोडवेज कर्मचारियों की प्रमुख मांगें कर्मचारियों की मांगों में निजी परमिट पर रोक, परिचालकों का पे-ग्रेड बढ़ाना, वर्ष 2008 के वंचित परिचालकों की पदोन्नति, वर्ष 2016 में भर्ती चालकों को नियुक्ति तिथि से नियमित करना, ड्राइवर-कंडेक्टरों और कर्मशाला कर्मचारियों की नई भर्ती, लंबित बोनस का भुगतान तथा पदोन्नति संबंधी मांगें शामिल हैं। मोर्चा नेताओं ने स्पष्ट किया कि 4 नवंबर तक मांगें पूरी नहीं हुईं तो 5 और 6 नवंबर को रोडवेज का चक्का जाम किया जाएगा।