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पलवल में 52 पालों की महापंचायत:सगाई में 1 रुपया, बारात में 51 लोग ही जाएंगे, मृत्यु भोज पूरी तरह बंद; सर्वसम्मति से हुआ फैसला
पलवल जिले के मिंडकोला गांव में रविवार को 52 पालों की महापंचायत आयोजित की गई। इसमें हजारों की संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। महापंचायत का मकसद सामाजिक कुरीतियों को खत्म करना था। इस दौरान कई अहम फैसले लिए गए। महापंचायत में तय किया गया कि जो लोग इन फैसलों को नहीं मानेंगे, उनके कार्यक्रमों का ग्रामीण और रिश्तेदार पूरी तरह बहिष्कार करेंगे। महापंचायत की अध्यक्षता 52 पालों के अध्यक्ष अरुण जेलदार ने की। डागर पाल की तरफ से पूर्व विधायक प्रवीण डागर ने महापंचायत में आए लोगों को फैसलों की लिस्ट पढ़कर सुनाई। इस पंचायत में हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के सभी समाजों के पंचों, मंत्रियों, पूर्व मंत्रियों, विधायकों और पूर्व विधायकों ने हिस्सा लिया। महापंचायत में लिए गए ये फैसले नियम पालना के लिए 3 स्तर पर होंगी कमेटी गठित महापंचायत में लिए गए फैसलों को न मानने वालों के खिलाफ कार्यवाही करने के लिए तीन स्तर पर कमेटियां बनाई जाऐंगी। जिनमे पहली कमेटी गांव स्तर पर होगी, दूसरी पाल स्तर पर और तीसरी कमेटी 52 पाल कि होगी। तीनों कमेटियां मिलकर फैसला करेंगी। महापंचायत में लिए गए फैसलों को न मानने वालों के कार्यक्रम में गांव का भी कोई व्यक्ति शामिल नहीं होगा, बल्कि पूरी तरह सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्य रुप से ये वक्ता रहें मौजूद उत्तर प्रदेश के मंत्री लक्ष्मी नारायण, पूर्व सांसद अवतार भड़ाना, भाजपा के खेल राज्यमंत्री गौरव गौतम, कांग्रेस के विधायक इसराईल चौधरी, रघुवीर सिंह तेवितया, आफताब अहमद, पूर्व मंत्री करन सिंह दलाल, हर्ष कुमार, पूर्व विधायक केहर सिंह रावत, टेकचंद शर्मा, नयनपाल पाल रावत, उदयभान, जगदीश नायर, प्रवीण डागर, किसान नेता मास्टर महेंद्र सिहं चौहान, धर्मचंद, रुपराम तेवितया व ताराचंद सहित संयुक्त किसान मोर्चा की टीम, गुर्जर नेता महेंद्र भड़ाना। महापंचायत में मौजूद रही सभी 52 पालों की सिरदारी महापंचायत में डागर पाल के अध्यक्ष धर्मवीर डागर, चौहान पाल के पंच जय नारायण, सहरावत पाल के पंच योगेंद्र सहरावत, रावत पाल के पंच सुमेर जेलदार और तेवितया पाल के बिजेंद्र सिंह तेवितया के अलावा जाटव समाज, बाल्मिक समाज, प्रजापत समाज, ब्राह्मण समाज, गुर्जर समाज, पाल बघेल समाज, जांगड़ ब्राह्मण समाज, आदि गौड़ समाज, बैरागी समाज, मुस्लिम समाज के अलावा सभी 36 बिरादरी के पंच व गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।