समाचार · मध्य प्रदेश
5 दशकों से रह रहे परिवारों को बेदखली का डर:बालाघाट में विस्थापन का विरोध; AAP के नेतृत्व में सीएम के नाम ज्ञापन दिया
बालाघाट शहर में आकाशवाणी और पॉवर हाउस के बीच बीते 50 वर्षों से अधिक समय से रह रहे परिवारों पर अब बेदखली का खतरा मंडरा रहा है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रशासनिक स्तर पर इन्हें हटाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को बड़ी संख्या में प्रभावित रहवासी आम आदमी पार्टी के नेताओं के साथ कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई। पीएम आवास की राशि चुकाने में असमर्थ हैं गरीब परिवार तहसील कार्यालय में हुई सुनवाई के दौरान प्रशासन ने इन विस्थापित होने वाले परिवारों को ढिमरटोला पानी टंकी के पास बने पीएम आवास (प्रधानमंत्री आवास योजना) में शिफ्ट होने का प्रस्ताव दिया है। हालांकि, रहवासियों ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करने में असमर्थता जताई है। प्रभावित परिवारों का कहना है कि वे बेहद गरीब और दिहाड़ी मजदूर हैं। उनके पास एकमुश्त 20 हजार रुपये जमा करने और फिर हर महीने लोन की किस्तें चुकाने की आर्थिक क्षमता नहीं है। उन्होंने प्रशासन से मुफ्त में आवास आवंटित करने की मांग की है। प्रशासन दिखाए संवेदनशीलता, वरना 17 जुलाई को भोपाल में घेराव आम आदमी पार्टी के नेता मनोज पमनानी ने प्रभावित परिवारों की तरफ से प्रशासन से संवेदनशीलता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सालों से रह रहे इन गरीब परिवारों को अचानक बिना किसी ठोस और मुफ्त पुनर्वास व्यवस्था के हटाना अमानवीय होगा। 'आप' नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने इन परिवारों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखकर कोई संवेदनशील और अनुकूल निर्णय नहीं लिया, तो आगामी 17 जुलाई को भोपाल में विधानसभा का घेराव कर उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।