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झज्जर में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल:नगर परिषद के कर्मचारी उतरे मैदान में, बोले- सरकार 13 मई का समझौता लागू करे
झज्जर में नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा और सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर शनिवार को नगर परिषद के सफाई कर्मचारी राज्यव्यापी हड़ताल में शामिल हुए। कर्मचारियों ने कामकाज से दूर रहकर सरकार के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। हड़ताल की अध्यक्षता इकाई प्रधान शिवम चांवरिया ने की, जबकि मंच संचालन इकाई सचिव विकास उज्जैनवाल ने किया। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार ने 13 मई 2026 को संघ के साथ हुए समझौते में कई मांगों पर सहमति जताई थी, लेकिन अभी तक उन्हें पूरी तरह लागू नहीं किया गया है। कर्मचारियों ने सरकार से समझौते को तत्काल लागू करने की मांग की। फरीदाबाद अग्निकांड के शहीद कर्मचारियों के परिवारों को मुआवजा और नौकरी हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने फरीदाबाद अग्निकांड में शहीद हुए कर्मचारियों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी देने की मांग उठाई। कर्मचारियों ने कहा कि ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले सफाई कर्मचारियों के परिवारों को भी 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जानी चाहिए। झज्जर के 61 कर्मचारियों की बहाली की मांग झज्जर से जुड़ी प्रमुख मांगों में वर्ष 2014 में हटाए गए 61 कर्मचारियों को दोबारा ड्यूटी पर लेने की मांग शामिल रही। कर्मचारियों ने पैरोल पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों और शिवरमैनों को पक्का करने तथा सभी पैरोल फायरमैन और चालकों को नियमित करने की मांग भी रखी। ठेका प्रथा बंद करने और 5 हजार जोखिम भत्ते की मांग कर्मचारियों ने ठेका प्रथा समाप्त करने, कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपये देने और सफाई कर्मचारियों को 5 हजार रुपये जोखिम भत्ता देने की मांग की। इसके अलावा हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) और विभिन्न ठेकों के तहत कार्यरत तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को नीति बनाकर नियमित करने की मांग की गई।