Saturday, 8 August 2026
INTइंडियन न्यूज़ ट्रस्टजहाँ सत्य मिले विश्वास से
ताज़ा खबरें

समाचार · मध्य प्रदेश

अमरकंटक में 7 स्थानों पर पर्यटकों से शुल्क वसूली:लोग बोले- एक बार पैसे लिए जाने चाहिए, रसीद पर लिखें- क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी

INT News8 August 2026 at 04:38 pm

अमरकंटक में नर्मदा जी के उद्गम स्थल पर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अलग-अलग जगहों पर तरह-तरह के टैक्स और फीस वसूले जा रहे हैं। इस पवित्र और सुंदर पर्यटन स्थल पर पैसों की वसूली और व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल अमरकंटक की खास जगहों पर लगभग सात अलग-अलग तरीकों से गाड़ियों की पार्किंग, एंट्री और देखने की फीस ली जा रही है। इनमें रामघाट और इंद्रदमन तालाब पर गाड़ी खड़ी करने के 50 रुपए, दिगंबर जैन सर्वोदय तीर्थ में गाड़ी खड़ी करने के 50 रुपए, रामघाट के झूला पुल पर जाने के 20 रुपए प्रति इंसान, सोनमुड़ा के कांच वाले व्यू-पॉइंट के 20 रुपए प्रति इंसान, कपिलधारा में गाड़ी खड़ी करने के 50 रुपए, कपिलधारा के रास्ते में बैरियर पर बिना तय किए 200 से 300 रुपए तक और कपिलधारा के कांच वाले व्यू-पॉइंट के 20 रुपए प्रति इंसान लिए जा रहे हैं। अमरकंटक आने वाले लोगों को यह समझ ही नहीं आ रहा कि कौन-सा पैसा सरकार ले रही है और कौन-सा निजी एजेंसियां। पैसे देने के बाद उन्हें क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी, इसकी भी कोई साफ जानकारी नहीं दी जाती। इस वजह से पर्यटकों में काफी नाराजगी है। अलग-अलग राज्यों से आए पर्यटकों का क्या कहना है रीवा के रहने वाले रविंद्र सिंह ने बताया कि जगह-जगह रसीद कटवाने की इस व्यवस्था से बहुत समय खराब होता है और उन्होंने मांग की कि पूरी जगह के लिए एक ही टिकट या फीस की व्यवस्था होनी चाहिए। छत्तीसगढ़ के कवर्धा से आए शुभचंद साहू ने बताया कि पर्यटक पैसे देने से मना नहीं करते, लेकिन रसीद पर यह साफ लिखा होना चाहिए कि किस बात के पैसे लिए जा रहे हैं और क्या सुविधाएं मिलेंगी। हैदराबाद के केडी राव ने बताया कि इतने बड़े और मशहूर तीर्थस्थल पर जितने पैसे लिए जाते हैं, उस हिसाब से लोगों को अच्छी से अच्छी सुविधाएं भी मिलनी चाहिए। बनारस के राम शिरोमणि ने बताया और सुझाव दिया कि अमरकंटक में घुसते ही एक बार में पूरी फीस ले ली जाए और सभी जगहों पर अच्छी पार्किंग, सुरक्षा और साफ-सफाई के इंतजाम किए जाएं। खासकर रविवार और छुट्टियों के दिनों में जब ज्यादा लोग आते हैं, तो गाड़ियों को संभालने, पीने के पानी, सफाई और बैठने की काफी किल्लत हो जाती है। लोगों का पूछना है कि जब सात-सात जगहों पर पैसे लिए जा रहे हैं, तो जमीनी स्तर पर सुविधाएं क्यों नहीं सुधर रहीं। स्थानीय लोगों का मानना है कि असली दिक्कत पैसों की नहीं, बल्कि सही देख-रेख न होने की है। अधिकारियों ने क्या कहा नगर परिषद का कहना है कि इन दिक्कतों को दूर करने के लिए योजना बनाई जा रही है। हर जगह पर फीस का रेट, वसूली करने वाली एजेंसी का नाम और मिलने वाली सुविधाओं के बोर्ड टांगे जाने चाहिए। बार-बार पर्ची काटने के बजाय एक ही बार में पूरे अमरकंटक की फीस (इंटीग्रेटेड टूरिज्म फीस) ली जानी चाहिए ताकि व्यवस्थाएं बेहतर हो सकें। अमरकंटक नगर परिषद के सीएमओ चैन सिंह परस्ते ने बताया कि वे भोपाल से लौटकर पूरी जानकारी लेंगे और आगे की योजना बनाएंगे, जिससे आने वाले श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो।