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Cyclone Murasu: तबाही मचाकर कमजोर पड़ा मुरासु, 15 जिलों में फसलों को नुकसान; 5 नवंबर तक खत्म होगा तूफान?

Cyclone Murasu: आंध्र प्रदेश में भारी नुकसान पहुंचाने के बाद चक्रवाती तूफान मुरासु अब कमजोर पड़ने लगा है. मंगलवार (3 नवंबर) की सुबह तट से टकराए तूफान ने कई इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया. तेज हवाओं से पेड़ उखड़ गए, बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हुए और मछुआरों की नौकाओं को भी नुकसान पहुंचा. इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राहत भरा पूर्वानुमान दिया है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मुरासु 5 नवंबर तक पूरी तरह खत्म हो सकता है.
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120 किलोमीटर की रफ्तार से आंध्र तट से टकराया मुरासु
मौसम विभाग के मुताबिक गंभीर चक्रवाती तूफान मुरासु मंगलवार सुबह साढ़े 3 से साढ़े 5 बजे के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट से गुजरा. इसने नेल्लोर और नरसापुर के बीच ओंगोल के पास लैंडफॉल किया. उस समय हवाओं की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा थी, जबकि कुछ झोंके 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचे. समुद्र में उठती ऊंची लहरों और तेज बारिश ने तटीय इलाकों की मुश्किलें बढ़ा दीं.
15 जिलों में फसलों को नुकसान, हजारों पेड़ उखड़े
तूफान के कारण आंध्र प्रदेश में खेती को बहुत नुकसान होने की खबर है. शुरुआती जानकारी के अनुसार, 15 जिलों में खड़ी फसलें प्रभावित हुई हैं. प्रकाशम, बापटला, पालनाडु और गुंटूर जैसे जिलों में तेज हवाओं से बड़ी संख्या में पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की खबरें हैं. कई स्थानों पर बिजली के खंभे टूटने से स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा.
भारी बारिश से सड़कें जलमग्न, नौकाओं को भी नुकसान
चक्रवात के दौरान कोथापट्टनम, ओंगोल और आसपास के क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश हुई. कई निचले इलाकों में पानी भरने से बाढ़ जैसी स्थिति बन गई. मछलीपट्टनम और गुंटूर में भी जलभराव हुआ. तटीय गांवों में मछली पकड़ने वाली नौकाओं और मकानों को नुकसान पहुंचा. कुछ सड़कों पर गिरे पेड़ों और पानी जमा होने से यातायात भी प्रभावित हुआ.
दोपहर तक 100 KM प्रति घंटे पर पहुंची हवाओं की रफ्तार
IMD के मंगलवार दोपहर ढाई बजे के अपडेट के अनुसार, मुरासु गंभीर चक्रवाती तूफान से कमजोर होकर सामान्य चक्रवाती तूफान में बदल गया. उस समय इसकी लगातार चलने वाली हवाओं की गति घटकर 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटा रह गई थी, जबकि झोंके 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच रहे थे. तूफान का केंद्र बापटला से करीब 40 किलोमीटर पश्चिम-उत्तर पश्चिम और ओंगोल से लगभग 60 किलोमीटर उत्तर में स्थित था. यह 7 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा था.
मंगलवार रात तक और कमजोर होगा चक्रवात
मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि मंगलवार रात साढ़े 11 बजे तक मुरासु कमजोर होकर गहरे दबाव क्षेत्र में बदल सकता है. इस स्थिति में हवाओं की रफ्तार 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटा रहने और झोंकों की गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना है. IMD मछलीपट्टनम और विशाखापत्तनम स्थित डॉप्लर मौसम रडार के जरिए चक्रवाती सिस्टम की लगातार निगरानी कर रहा है.
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