Sunday, 20 September 2026
INTइंडियन न्यूज़ ट्रस्टजहाँ सत्य मिले विश्वास से
ताज़ा खबरें

समाचार · उत्तर प्रदेश

UP में सरकारी अस्पतालों की लैब हुई डिजिटल, अब आरोग्यसेतु पर मिलेगी जांच रिपोर्ट, जानिए मरीजों को क्या होगा फायदा?

INT News20 September 2026 at 05:54 pm

UP News: सरकारी अस्पताल में जांच कराने के बाद रिपोर्ट के लिए बार-बार अस्पताल जाने की जरूरत जल्द खत्म होने वाली है. उत्तर प्रदेश में सरकारी अस्पतालों की लैब रिपोर्ट मरीजों के मोबाइल तक पहुंचाने की तैयारी है. रिपोर्ट आरोग्यसेतु ऐप पर उपलब्ध कराने की योजना है. इससे मरीज अपनी जांच रिपोर्ट डिजिटल रिकॉर्ड के रूप में सुरक्षित रख सकेंगे और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर या अन्य स्वास्थ्य सेवा प्रदाता के साथ साझा भी कर सकेंगे.

900 से अधिक अस्पतालों की लैब डिजिटल सिस्टम से जुड़ी

उत्तर प्रदेश के 900 से अधिक सरकारी अस्पतालों में लैबोरेटरी इंफॉरमेशन सिस्टम (LIS) को हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफॉरमेशन सिस्टम (HMIS) से जोड़ा जा चुका है. इससे जांच के बाद रिपोर्ट डिजिटल माध्यम से उपलब्ध हो रही है. मरीजों को रिपोर्ट लेने के लिए अस्पताल के चक्कर लगाने की जरूरत कम हुई है. वहीं, डॉक्टरों को भी मरीज की जांच रिपोर्ट जल्द मिल रही है.

व्हाट्सएप और एसएमएस से भी पहुंच रही रिपोर्ट

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मरीजों को लैब रिपोर्ट व्हाट्सएप और एसएमएस के जरिए भी भेजी जा रही है. अब तक करीब 58.07 लाख लैब रिपोर्ट के मैसेज व्हाट्सएप पर भेजे गए, जबकि 37.66 लाख रिपोर्ट व्हाट्सएप के माध्यम से उपलब्ध करायी गयीं. इसी तरह करीब 46.50 लाख एसएमएस भेजे गए. इनमें 31.40 लाख मरीजों को लैब रिपोर्ट भेजी गयी.

बार-बार रजिस्ट्रेशन से भी मिलेगी राहत

LIS और HMIS के एकीकरण से मरीजों को लैब जांच के लिए बार-बार रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं पड़ रही है. इससे समय की बचत हो रही है. जांच के नतीजे सीधे HMIS पोर्टल पर उपलब्ध होने से डॉक्टरों को रिपोर्ट का इंतजार भी नहीं करना पड़ता. इससे रिपोर्ट के आधार पर इलाज की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है.

आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन से जुड़ी पहल

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की सचिव रितु माहेश्वरी के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के तहत कई पहल की गयी हैं. इसी क्रम में जांच रिपोर्ट को आरोग्यसेतु ऐप पर उपलब्ध कराने की तैयारी है. इससे मरीज अपनी रिपोर्ट को इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड के तौर पर सुरक्षित रख सकेंगे. जरूरत पड़ने पर इसे स्वास्थ्य सेवा प्रदाता के साथ साझा भी किया जा सकेगा. इसके साथ मैनुअल और दोहरी डाटा एंट्री की व्यवस्था भी खत्म होने से अस्पतालों में कामकाज अधिक डिजिटल हो रहा है.

Also Read: अयोध्या में फिर जीवंत होंगी रामलला के संघर्षकाल की यादें: टेंट से अस्थायी मंदिर तक की वो पूरी कहानी, अब श्रद्धालु देख सकेंगे...