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कर्मचारियों-पेंशनर्स ने विधायक हरमीत सिंह के घर घेरा:तरनतारन में जायज़ मांगों को लेकर प्रदर्शन, सरकार को दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स की लंबित मांगों को लेकर साझा मुलाजिम मंच पंजाब के आह्वान पर तरनतारन जिले के विभिन्न सरकारी विभागों और पेंशनर संगठनों ने 20 सितंबर 2026 को तरनतारन हलके के विधायक हरमीत सिंह के आवास का घेराव किया। इससे पूर्व मंच ने अपनी मांगों के संदर्भ में पंजाब सरकार को ज्ञापन सौंपा था, जिस पर कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया न मिलने के विरोध में यह कदम उठाया गया। कर्मचारियों की मुख्य मांगों में 2.59 का मल्टीप्लायर लागू करना, कैशलेस हेल्थ स्कीम, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, महंगाई भत्ते (DA) की बकाया किस्त जारी करना, 15-01-2015 का पत्र रद्द करना, प्रोबेशन पीरियड के दौरान पूरा वेतन व भत्ते देना, 17-07-2020 को केंद्रीय पैटर्न पर नई भर्ती से संबंधित जारी पत्र को रद्द करना, 4,9,14 एसीपी (ACP) स्कीम की बहाली तथा मिड-डे मील व आशा वर्कर्स की मांगों को लागू करना शामिल है। 30 अगस्त की बैठक के बाद तय हुआ था कार्यक्रम मांगों पर सरकार की चुप्पी के बाद साझा मुलाजिम मंच पंजाब चंडीगढ़ द्वारा 30 अगस्त 2026 को लुधियाना में एक बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें आगामी संघर्ष की रूपरेखा तय की गई थी। तरनतारन में हुआ विधायक के घर का घेराव इसी देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की कड़ी का हिस्सा है। आगामी उग्र प्रदर्शनों की चेतावनी प्रदर्शन के दौरान विभिन्न वक्ताओं ने कहा कि यदि सरकार ने जल्द ही उनकी मांगें स्वीकार नहीं कीं, तो पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 30 सितंबर 2026 को चंडीगढ़ में 'कर्मचारी विधानसभा' बुलाई जाएगी, जिसमें राज्य के 117 विधायकों और 13 सांसदों से सवाल-जवाब किए जाएंगे। इसके बाद 10 अक्टूबर 2026 को संगरूर में राज्य स्तरीय विशाल रैली होगी और 21 व 22 अक्टूबर 2026 को दो दिवसीय पूर्ण हड़ताल की जाएगी। इस दौरान गांव-गांव जाकर सरकार की जनविरोधी नीतियों का प्रचार भी किया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन में प्रेसिडेंट गुरसेवक सिंह सरा, जनरल सेक्रेटरी अंग्रेज सिंह रंधावा, पीएसएमएस यूनियन के फाइनेंस सेक्रेटरी जसपाल सिंह, प्रेसिडेंट बलदेव सिंह कल्ला और पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन के अश्वनी कुमार सैनी सहित कई अन्य कर्मचारी नेता व प्रतिनिधि मौजूद रहे।