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पेंशनरों ने बकाया महंगाई राहत, 4 मांगों पर सौंपा ज्ञापन:नीमच में कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना का फायदा देने की मांग की
जिलेभर के पेंशनरों ने अपनी रुकी हुई मांगों और राज्य सरकार की अनदेखी के विरोध में कलेक्टोरेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। संयुक्त विभाग पेंशनर संघ के तले जुटे पेंशनरों ने तहसीलदार मृगेंद्र सिसोदिया को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपा। संघ के पदाधिकारियों का आरोप है कि मध्य प्रदेश सरकार पेंशनरों के अधिकारों में लगातार कटौती कर उनका आर्थिक नुकसान कर रही है, जिससे इस उम्र में उन्हें भारी आर्थिक तंगी और परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। संघ ने मांग की है कि केंद्र सरकार की तर्ज पर 1 जनवरी 2026 से बनता 2 प्रतिशत बकाया महंगाई राहत का आदेश तुरंत जारी किया जाए। इसके लिए म.प्र. पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 49 (6) का बहाना न बनाया जाए। साथ ही, पेंशन से जुड़े कामों में देरी रोकने के लिए प्रदेश के सभी संभागीय और जिला पेंशन दफ्तरों को जैसा है वैसा ही चालू रखने की बात कही गई है। कैशलेस इलाज और रिकवरी की अवधि घटाने की मांग पेंशनर संघ ने बिना किसी प्रीमियम कटौती के पेंशनरों को कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना का फायदा देने की मांग की है। इसके अलावा, कम्यूटेशन (पेंशन की अग्रिम राशि) की रिकवरी अवधि को 15 साल से घटाकर 10 साल 8 महीने करने की मांग रखी गई है। मांगे पूरी न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी ज्ञापन देने वालों में संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष बालचन्द वर्मा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शांतिलाल कारपेंटर, राष्ट्रीय महासचिव जगमोहन श्रीवास्तव और प्रदेश अध्यक्ष डॉ. एल.एन. शर्मा समेत बड़ी तादाद में पेंशनर शामिल रहे। संघ ने साफ चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने उनकी समस्याओं का जल्द हल नहीं निकाला, तो पूरे प्रदेश के पेंशनर बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।