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बस्तर में 12 से 14 अगस्त तक तिरंगा यात्रा:31 नक्सली घटना स्थलों से गुजरेगी, नारायणपुर से शुरू होकर करेगुट्टा पहाड़ी तक जाएगी यात्रा
छत्तीसगढ़ के बस्तर में 12 से 14 अगस्त तक तीन दिवसीय बस्तर तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी जानकारी दी। यात्रा नारायणपुर से शुरू होकर दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर होते हुए करेगुट्टा पहाड़ी तक जाएगी। गृहमंत्री विजय शर्मा इस दौरान नक्सल हिंसा से जुड़ी 31 प्रमुख घटनाओं वाले स्थानों का दौरा करेंगे। यात्रा ऐसे इलाकों से होकर गुजरेगी, जहां पहले नक्सली हिंसा की घटनाएं हो चुकी हैं। इन स्थानों पर तिरंगा फहराने की भी तैयारी है। घटनाओं की जानकारी QR कोड से मिलेगी यात्रा के रास्ते में संबंधित नक्सली घटनाओं के पोस्टर लगाए जाएंगे। इन पोस्टर पर QR कोड होगा। इसे स्कैन करने पर घटना की तारीख, शहीद जवानों और घटना से जुड़ी दूसरी जानकारी सामने आएगी। यात्रा नारायणपुर, धौड़ाई, कन्हारगांव, कोडेनार, बोदली, सातधार, बारसुर, गीदम, दंतेवाड़ा, कुआकोंडा, भुसारास घाटी, चिंगावरम, सुकमा, एर्राबोर, दोरनापाल, पोलमपल्ली, बुर्कापाल, मिनपा-ताड़मेटला, चिंतलनार, जगरगुंडा, सिलगेर, टेकलगुड़ेम, आवापल्ली, बीजापुर, उसूर, गलगम, नंबी, ताड़पाला और करेगुट्टा पहाड़ी समेत प्रमुख नक्सल घटना स्थलों से होकर गुजरेगी। 15 अगस्त को 92 गांवों में पहली बार फहरेगा तिरंगा बस्तर संभाग के 92 गांवों में 15 अगस्त को पहली बार राष्ट्रध्वज फहराने की तैयारी है। इनमें सुकमा के 50, बीजापुर के 33 और नारायणपुर के 9 गांव शामिल हैं। इसके अलावा संभाग के 500 से ज्यादा स्कूलों, प्रमुख चौराहों और सामुदायिक भवनों का नाम शहीदों के नाम पर रखने की भी तैयारी है। गृहमंत्री ने बताया कि तिरंगा यात्रा के जरिए नक्सल हिंसा में शहीद जवानों और प्रभावित लोगों से जुड़ी घटनाओं की जानकारी लोगों और नई पीढ़ी तक पहुंचाने की कोशिश की जाएगी।