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हांसी DC कार्यालय पर कर्मचारियों का प्रदर्शन:राज्य का अलग वेतन आयोग गठित करने की मांग, बोले- किया जाएगा बड़ा आंदोलन
हांसी में सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने मंगलवार को उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन कर्मचारियों की लंबित मांगों की अनदेखी और सरकार की कथित कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ था। कर्मचारियों ने उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार के नाम एक ज्ञापन सौंपा। सभी प्रदर्शन से पहले कर्मचारी यादव धर्मशाला में एकत्रित हुए। वहां से नारेबाजी करते हुए वे उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कर्मचारियों की मांगों का जल्द समाधान करने की मांग की गई। प्रदर्शन की अध्यक्षता ब्लॉक प्रधान रविंद्र शर्मा और मास्टर योगेंद्र माजरा ने की, जबकि संचालन सचिव सोमबीर मोर ने किया। राज्य कैशियर सुरेंद्र यादव और राज्य प्रधान मैकेनिकल यूनियन गंगाराम मोण ने आरोप लगाया कि हरियाणा सरकार कर्मचारियों की मांगों को लेकर गंभीर नहीं है। प्रदर्शनकारियों का आरोप- सरकार वार्ता करने को तैयार नहीं उन्होंने कहा कि पिछले लगभग चार साल से सरकार सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक कर मांगों पर वार्ता करने तक को तैयार नहीं है। कर्मचारियों ने लगातार मांग पत्र दिए और 12 फरवरी को हड़ताल भी की, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि विभिन्न विभागों के कर्मचारी विभागीय मंत्रियों के आवास पर प्रदर्शन कर रहे हैं। कई मामलों में मंत्रियों ने यूनियन प्रतिनिधिमंडलों के साथ वार्ता के दौरान मांगों पर सहमति भी जताई थी, लेकिन सहमत मांगों के आदेश अब तक जारी नहीं किए गए हैं। इससे कर्मचारियों में सरकार के प्रति रोष बढ़ रहा है। मीटिंग बुलाकर तय की जाएगी बड़े आंदोलन की रणनीति सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने सरकार की नीतियों के खिलाफ 30 जुलाई, 4 और 7 अगस्त को भी प्रदेश के सभी जिलों में प्रदर्शन किए थे। अब प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक बुलाकर आगामी बड़े आंदोलन की घोषणा की जाएगी। संघ ने सरकार से समय रहते कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों का समाधान करने की मांग की। उन्होंने नगर पालिका संघ और अग्निशमन कर्मचारियों की हड़ताल का मुद्दा भी उठाया। पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारी लगातार हड़ताल पर हैं और बारिश के मौसम में सफाई व्यवस्था प्रभावित होने से गंदगी तथा महामारी फैलने का खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने सरकार से कर्मचारियों की मांगों का समाधान कर आंदोलन समाप्त करवाने का आग्रह किया। कर्मचारियों की ये प्रमुख मांगें सर्व कर्मचारी संघ ने कच्चे कर्मचारियों को हाईकोर्ट के 23 और 31 दिसंबर 2025 के फैसलों के अनुसार नियमित करने, एनपीएस के तहत सेवानिवृत्त कर्मचारियों, कच्चे कर्मचारियों और उनके आश्रितों को इलाज की सुविधा देने, राज्य का अलग वेतन आयोग गठित करने और पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग की। इसके अलावा प्रदेश में खाली पड़े लाखों पदों पर नियमित भर्ती करने, बिजली निगमों के निजीकरण पर रोक लगाने, नए श्रम कानून और बिजली बिल 2025 को रद्द करने, कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने, स्थायी भर्ती करने, निजीकरण रोकने, वर्ष 2022 से लंबित वेतन एरियर का भुगतान करने तथा एक्सग्रेशिया पॉलिसी में लगाई गई शर्तें हटाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।