समाचार · मध्य प्रदेश
ऑनलाइन सटोरिए से 2.69 करोड़ नकद,30 लाख के आभूषण जब्त:फर्जी फर्म बनाकर खुलवाते थे बैंक अकाउंट, ऑनलाइन गेमिंग और बैटिंग के पैसों का करते थे लेनदेन
सागर पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग और बैटिंग का नेटवर्क संचालित करने वाले मुख्य आरोपी समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 2 करोड़ 69 लाख 42 हजार 700 रुपए नकद और करीब 30 लाख रुपए कीमत के सोने-चांदी के आभूषण जब्त किए गए हैं। दोनों आरोपियों को भोपाल से गिरफ्तार कर सागर लाया गया है, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। इससे पहले पुलिस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। बुधवार को मामले का खुलासा करते हुए एसपी अनुराग सुजानिया ने बताया कि 13 अगस्त को मकरोनिया थाने में रोहित पटेल ने शिकायत की थी। उसने बताया कि उसके दस्तावेजों का दुरुपयोग कर फर्जी फर्म बनाई गई और उसके बैंक खाते में 90 लाख रुपए का ट्रांजेक्शन किया गया। शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने धर्मेंद्र नाहर और सोनू दांगी को गिरफ्तार किया। दोनों से पूछताछ में सामने आया कि उन्होंने ऑनलाइन गेमिंग और बैटिंग का काम अमित विश्वकर्मा निवासी भोपाल से मुंबई में सीखा था। पुलिस के मुताबिक, अमित विश्वकर्मा की गिरफ्तारी के बाद पता चला कि ऑनलाइन गेमिंग और बैटिंग से प्राप्त राशि के सर्कुलेशन के लिए बैंक खातों की जरूरत होती है। इसके बाद धर्मेंद्र नाहर ने सागर के स्थानीय साथी सोनू दांगी के साथ मिलकर सरमन उर्फ शुभम रैकवार निवासी खजुराहो, विपिन गिरी और स्वर्णेंद्र पांडे निवासी भोपाल के साथ बेरोजगार लोगों को पैसों का लालच देकर उनके नाम से फर्जी फर्म तैयार कर निजी बैंकों में बैंक खाते खुलवाना शुरू किया। रिषभ के घर मिली नोट गिनने की मशीन पूछताछ में यह भी सामने आया कि ऑनलाइन बैटिंग में धर्मेंद्र का दोस्त रिषभ पटेल निवासी भोपाल बैटिंग का संचालन करता था। पुलिस टीम ने तत्काल भोपाल भेजकर रिषभ पटेल की तलाश की और उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, रिषभ के कब्जे से ऑनलाइन बैटिंग से संबंधित 2 करोड़ 69 लाख 42 हजार 700 रुपए नकद, करीब 30 लाख रुपए कीमत के सोने-चांदी के आभूषण और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए। मौके से नोट गिनने की मशीन भी मिली। टेलीग्राम ग्रुप बनाकर ऑनलाइन सट्टा खिलाता था आरोपी रिषभ को सामान सहित सागर लाया गया। पूछताछ में उसने बताया कि वह भोपाल से ऑनलाइन बैटिंग वेबसाइट्स के माध्यम से सट्टा खिलाता था। फर्जी फर्म के बैंक खातों का इस्तेमाल कर रकम ऑनलाइन ट्रांसफर की जाती थी और बाद में नकद निकाल ली जाती थी। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने टेलीग्राम पर ग्राहकों का एक ग्रुप बना रखा था। इसके माध्यम से वह ग्राहकों को अपने ऑनलाइन सट्टे के पैनल में एडमिन बनाकर लिंक और क्रेडिट कॉइन भेजता था और ऑनलाइन बैटिंग करवाता था। आरोपी रिमांड पर, नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश एसपी सुजानिया ने बताया कि पूछताछ के बाद आरोपी अमित विश्वकर्मा और रिषभ पटेल को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से दोनों को 8 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान आरोपियों से ऑनलाइन बैटिंग के नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य सहयोगियों के संबंध में पूछताछ की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों से मिली जानकारी और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर अब तक 30 से अधिक फर्जी फर्मों का पता लगाया गया है। इन फर्मों के नाम से विभिन्न निजी बैंकों में खाते खोले गए थे। इन खातों का इस्तेमाल संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के लिए किया गया। पुलिस सभी फर्मों और बैंक खातों की जांच कर रही है।