Wednesday, 19 August 2026
INTइंडियन न्यूज़ ट्रस्टजहाँ सत्य मिले विश्वास से
ताज़ा खबरें

समाचार · छत्तीसगढ़

फर्नीचर घोटाला, सरगुजा के पूर्व DPC एवं सप्लायर गिरफ्तार:15 वर्ष पूर्व हुए फर्नीचर घोटाले में ACB की कार्रवाई, 67 लाख रुपये का घोटाला

INT News19 August 2026 at 06:58 pm

अविभाजित सरगुजा में वर्ष 2011-12 में हुए फर्नीचर घोटाले के मामले में कार्रवाई करते हुए ACB ने बुधवार को सर्व शिक्षा अभियान के तत्कालीन जिला मिशन संचालक और एक सप्लायर फर्म के संचालक को गिरफ्तार किया है। सर्व शिक्षा अभियान द्वारा दो करोड़ 70 लाख रुपये के फर्नीचर की खरीदी की गई थी। मामले में 67 लाख से अधिक के घोटाले की पुष्टि हुई है। जानकारी के मुताबिक, राजीव गांधी शिक्षा मिशन द्वारा वर्ष 2011-12 में दो करोड़ 70 लाख रुपये के फर्नीचर खरीदी के लिए आबंटन मिला था। यह खरीदी अविभाजित सरगुजा के सरगुजा, बलरामपुर एवं सूरजपुर जिलों के मिडिल स्कूलों में फर्नीचर सप्लाई के लिए की गई थी। आरोप है कि दूरस्थ स्कूलों में फर्नीचर की सप्लाई ही नहीं की गई और स्कूलों में फर्नीचर पहुंचना बताकर राशि आहरित कर ली गई। फर्नीचर खरीदी में घोटाले की शिकायत ACB से की गई थी। ACB ने मामले की जांच की और स्कूलों से दस्तावेज मंगाये गए। कई स्कूलों में यह बताया गया कि उनके पास फर्नीचर नहीं पहुंचा है, लेकिन उनसे पावती के दस्तावेजों में हस्ताक्षर कराए गए हैं। ACB ने 15 वर्ष बाद की कार्रवाई प्रकरण में वर्ष 2017 में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। जांच में पता चला कि सर्व शिक्षा अभियान द्वारा तत्कालीन कलेक्टर एवं जिला मिशन संचालक अंबिकापुर के अनुमोदन के बाद पंजीकृत फर्मों को CSIDC के निर्धारित दरों पर फर्नीचर क्रय एवं आपूर्ति के आदेश दिए गए थे। विवेचना में मेसर्स दर्शन फेब्रिकेशन तथा आकृति प्रिंटिंग प्रेस चोपड़ापारा के संचालक संजय पटेल की भूमिका सामने आई। मेसर्स दर्शन फेब्रिकेशन के माध्यम से फर्नीचर की वास्तविक आपूर्ति किए बिना बिल लगाकर राशि का भुगतान ले लिया गया। इससे शासन को कुल 67 लाख 15 हजार 814 रुपये की आर्थिक क्षति होना पाया गया। तत्कालीन जिला परियोजना समन्वयक सत्यप्रकाश पाण्डेय द्वारा उनसे कमिशन लेने के साक्ष्य मिले। मेसर्स दर्शन फेब्रिकेशन द्वारा वास्तविक रूप से फर्नीचर की कोई आपूर्ति नहीं की गई थी। प्रकरण में आरोपियों के विरुद्ध धारा 13(1)(डी), 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 तथा सहपठित धारा 120-बी, 420 एवं 409 आईपीसी के तहत अपराध दर्ज किया गया था। मामले में बुधवार को पुलिस ने तत्कालीन जिला परियोजना समन्वयक एसपी पांडेय और दर्शन फेब्रिकेशन के संचालक संजय पटेल को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। इस तरह हुआ घोटाला फर्नीचर की सप्लाई के लिए 10 फर्मों को वर्क आर्डर दिया गया था, जिन्हें 20 दिनों में फर्नीचर सप्लाई करनी थी। इनमें मेसर्स दर्शन फेब्रिकेटर्स रायपुर भी शामिल थी। सभी फर्मों को सप्लाई से पहले ही चेक जारी कर दिया गया था। दर्शन फेब्रिकेटर्स रायपुर फर्म ने कोई फर्नीचर सप्लाई नहीं की। उसके नाम का चेक आकृति प्रिंटर्स के संचालक संजय पटेल को दे दिया गया था। संजय पटेल ने एक फेक बैंक अकाउंट दर्शन फेब्रिकेटर्स के नाम पर ओरिएंटल बैंक अंबिकापुर में खोलकर चेक का भुगतान प्राप्त कर लिया गया। पैसे आहरित कर उसने आधा पैसा एसपी पांडेय विवेचना के दौरान 125 शिक्षकों का बयान एसीबी ने दर्ज किया। फेक अकाउंट खोलने के भी अपराधिक सबूत मिले हैं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। रायपुर से गिरफ्तार किए गए रिटायर्ड DPC ACB ने तत्काली DPC को रायपुर स्थित निवास से गिरफ्तार किया है। वे रिटायर हो चुके हैं। वहीं संजय पटेल को चोपड़ापारा स्थित आकृति प्रिंटिंग प्रेस से गिरफ्तार किया गया है। ACB ने सर्व शिक्षा अभियान के लिपिक प्रवीण सिन्हा को भी पहचान के लिए कार्यालय बबुलाया था। शाम को उन्हें छोड़ दिया गया।