समाचार · मध्य प्रदेश
प्रहलाद बोले-अवंतीबाई ने 22 साल में अंग्रेजों को चुनौती दी:मंत्री ने कहा- तलवारबाजी में दक्ष थीं रानी, पति के निधन के बाद संभाली जिम्मेदारी
दतिया में वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी की 195वीं जयंती के अवसर पर बुधवार को बसई में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद पटेल ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। जनसभा को संबोधित करते हुए पटेल ने रानी अवंतीबाई के साहस और अंग्रेजों के खिलाफ उनके संघर्ष को याद किया। पटेल ने कहा कि करीब 200 साल पहले महज 22 वर्ष की उम्र में अवंतीबाई ने रामगढ़ राज्य की जिम्मेदारी संभाली और अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष का नेतृत्व किया। घुड़सवारी और तलवारबाजी में दक्ष रानी ने पति के निधन के बाद राज्य की कमान संभालते हुए अंग्रेजों को चुनौती दी। उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा। 2031 में 200वीं जयंती बड़े स्तर पर मनाएंगे
पटेल ने कहा कि 2031 में रानी अवंतीबाई की 200वीं जयंती होगी। यह दो शताब्दियों का महत्वपूर्ण पड़ाव होगा और इसे बड़े स्तर पर मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि रानी की स्मृति में बरगी बांध का नाम अवंती सागर रखा गया है। युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील मंत्री ने युवाओं से समय का सदुपयोग कर देश के विकास में योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति देश को नई दिशा दे सकती है। जनसभा में उन्होंने नशे से दूर रहने, सत्य और न्याय के रास्ते पर चलने तथा समाज में सकारात्मक माहौल बनाने का आह्वान भी किया। पटेल ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और सड़क जैसी सुविधाओं से जुड़े कामों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे गांवों में रोजगार और आवागमन के अवसर बढ़ेंगे। कार्यक्रम में ग्रामीणजन और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।