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रतिया नगर पालिका में 5 करोड़ घोटाले की जांच शुरू:प्रशासन ने गठित की कमेटी, एडीसी अनुराग ढालिया की टीम ने लिया वार्डों का जायजा
फतेहाबाद जिले में रतिया नगर पालिका में विकास कार्यों और लगभग 5 करोड़ रुपए के टेंडर में अनियमितताओं की शिकायत के बाद प्रशासनिक स्तर पर जांच शुरू हो गई है। कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी के निर्देश पर एक जांच कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी के अध्यक्ष एडीसी अनुराग ढालिया ने एसडीएम सुरेंद्र सिंह और अन्य अधिकारियों के साथ शुक्रवार को शहर के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया। जांच टीम ने गलियों में करवाए गए निर्माण कार्यों की स्थिति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों से कार्यों के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस दौरान कमेटी के सदस्य अंकित सिंगला, पार्षद गौरव शर्मा, शिकायतकर्ता एवं मार्केट कमेटी के वाइस चेयरमैन कुलवंत सैनी और नगर पालिका सचिव शुभम कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। ग्रीवेंस कमेटी की मीटिंग में उठाया गया था मुद्दा यह शिकायत मार्केट कमेटी के वाइस चेयरमैन कुलवंत सैनी ने जिला शिकायत निवारण कमेटी की बैठक में उठाई थी। उन्होंने नगर पालिका के विकास कार्यों में कथित धांधली का आरोप लगाया था। शिकायत के बाद प्रशासन ने मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित की, जिसके तहत शुक्रवार को अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। पहले से बनी गलियों को तोड़कर दोबारा बनाया शिकायतकर्ता कुलवंत सैनी का आरोप है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देश पर शहर की नई अप्रूव्ड कॉलोनियों में कच्ची गलियों को पक्का करने के लिए लगभग 5 करोड़ रुपए का टेंडर जारी किया गया था। उनका कहना है कि निर्धारित योजना के अनुसार कच्ची गलियों को पक्का करने के बजाय, कुछ स्थानों पर पहले से बनी पक्की गलियों को उखाड़कर दोबारा बनाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचा। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। अवैध निर्माण को लेकर भी शिकायत शिकायत में शहर के विभिन्न हिस्सों में कथित अवैध निर्माण का मुद्दा भी उठाया गया है। आरोप है कि बिना नक्शा पास करवाए कुछ स्थानों पर गोदाम और मार्केट विकसित किए जा रहे हैं तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों द्वारा इन निर्माणों पर उचित कार्रवाई नहीं की जा रही। मौके की जांच के बाद सामने आएगी वास्तविक स्थिति प्रशासनिक टीम द्वारा किए गए मौका मुआयने के बाद अब निर्माण कार्यों से संबंधित रिकॉर्ड, स्वीकृत नक्शे, टेंडर की शर्तों और मौके पर हुए कार्यों का मिलान किया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और कहीं सरकारी धन का नियमों के विपरीत इस्तेमाल हुआ या नहीं।
जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई तय की जाएगी।