समाचार · छत्तीसगढ़
BSP में 160 किलो कॉपर वायर चोरी करते दो गिरफ्तार:दीवार फांदकर घुसे आरोपियों को CISF ने दबोचा, 47 हजार का माल जब्त
भिलाई स्टील प्लांट (BSP) की सुरक्षा में सेंध लगाकर स्क्रैप चोरी करने की कोशिश कर रहे दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने प्लांट के कोक ओवन क्षेत्र से करीब 160 किलो कॉपर वायर चोरी करने का प्रयास किया था। CISF की सतर्कता के कारण चोरी की वारदात को अंजाम देने से पहले ही एक आरोपी चोरी के माल के साथ पकड़ा गया। इसके बाद पुलिस ने उसके साथी को भी गिरफ्तार कर लिया। दीवार फांदकर प्लांट में घुसे थे आरोपी घटना 12 अगस्त की रात करीब 11 बजे की है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने प्लांट की दीवार फांदकर जंक्शन-12 के पास स्थित कोक ओवन क्षेत्र में प्रवेश किया। यहां गैलरी से करीब 160 किलो कॉपर वायर निकालकर उसे प्लांट से बाहर ले जाने की कोशिश की गई। चोरी किए गए कॉपर वायर की कीमत करीब 40 हजार रुपए बताई गई है। CISF ने एक आरोपी को मौके पर पकड़ा प्लांट में तैनात CISF जवानों ने चोरी के माल के साथ लोकराम ध्रुव को मौके पर ही पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर प्लांट में स्क्रैप चोरी करने की बात बताई। CISF की रिपोर्ट के आधार पर भिलाई भट्ठी थाने में मामला दर्ज कर पुलिस ने अन्य आरोपियों की तलाश शुरू की। दूसरे आरोपी को गांव में दबिश देकर पकड़ा जांच के दौरान पुलिस टीम ने ग्राम जोरातराई में दबिश दी। घेराबंदी कर पुलिस ने घनश्याम मण्डावी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से चोरी किया गया 160 किलो कॉपर वायर और वारदात में इस्तेमाल स्मार्ट मोबाइल फोन बरामद किया है। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 47 हजार रुपए बताई गई है। दोनों आरोपी न्यायिक रिमांड पर गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लोकराम ध्रुव (36), निवासी बजरंग चौक जोरातराई और घनश्याम मण्डावी (31), निवासी बाजार चौक देवांगन पारा जोरातराई के रूप में हुई है। दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस के मुताबिक, मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। ऐसे दिया चोरी की वारदात को अंजाम पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपियों ने प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था को पार करने के लिए पहले दीवार फांदी और परिसर में दाखिल हुए। इसके बाद कोक ओवन क्षेत्र की गैलरी से कॉपर वायर निकाला और उसे बाहर ले जाने की कोशिश की। हालांकि, CISF की सतर्कता के चलते चोरी का माल प्लांट से बाहर नहीं जा सका।